सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। सारंडा के सुदूरवर्ती एवं दुर्गम क्षेत्र के रहिवासियों के लिए एक बड़ी और बहुप्रतीक्षित सुविधा का शुभारंभ हो गया है। जानकारी के अनुसार 4 जून को पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में किरीबुरु-मेघाहातुबुरु स्थित जनरल अस्पताल में सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम पोर्टल के माध्यम से जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की सुविधा का विधिवत उद्घाटन किया गया।
इस महत्वपूर्ण सुविधा का उद्घाटन सेल किरीबुरु लौह अयस्क खदान के मुख्य महाप्रबंधक (खान) प्रशांत मनोहर राव शिरपुरकर ने किया। इस अवसर पर अस्पताल के अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (प्रभारी) डॉ नंदी जेराई, डॉ पी.आर. सिंह, डॉ अर्चना बेक, डॉ मनोज कुमार, अनिमा एक्सेस, जवाहरलाल प्रधान, अर्का चटर्जी, राकेश कुमार बैठा सहित अस्पताल के चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी प्रभारी डॉ नंदी एवं डॉ सिंह ने बताया कि डिजिटल सेवा से ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। कहा कि सीआरएस पोर्टल की शुरुआत से जन्म और मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनेगी। अब अस्पताल में दर्ज होने वाले जन्म और मृत्यु मामलों का प्रमाण पत्र सीधे ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से जारी किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि यह सुविधा विशेष रूप से सारंडा जैसे दुर्गम वन क्षेत्र के रहिवासियों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी, जहां रहिवासियों को जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कई किलोमीटर दूर सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब अस्पताल स्तर पर ही पंजीकरण और प्रमाण पत्र निर्गत होने की व्यवस्था उपलब्ध होने से समय, धन और श्रम तीनों की बचत होगी। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।
सेल के अधिकारियों ने बताया कि जन्म प्रमाण पत्र बच्चों के स्कूल नामांकन, आधार कार्ड, सरकारी योजनाओं तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं मृत्यु प्रमाण पत्र पारिवारिक, कानूनी और सामाजिक प्रक्रियाओं में आवश्यक दस्तावेज है। नई व्यवस्था से इन दस्तावेजों की प्राप्ति में होने वाली परेशानियां काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
मुख्य महाप्रबंधक शिरपुरकर ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से नागरिक सेवाओं को क्षेत्र के रहिवासियों तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। कहा कि केबीआर-एमबीआर जनरल अस्पताल में सीआरएस पोर्टल सेवा की शुरुआत इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे अस्पताल में दर्ज जन्म एवं मृत्यु मामलों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रहेगा और प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया भी तेज तथा पारदर्शी बनेगी।
स्थानीय रहिवासियों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि वर्षों से इस प्रकार की सुविधा की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इससे अस्पताल में ही जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र की ऑनलाइन व्यवस्था उपलब्ध होने से सारंडा, किरीबुरु, मेघाहातुबुरु में यह सुविधा न केवल प्रशासनिक सेवाओं को आमजनों के करीब लाएगी, बल्कि डिजिटल इंडिया के सपने को धरातल पर उतारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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