राजेश कुमार/बोकारो थर्मल (बोकारो)। जनता नगर बोकारो थर्मल रहिवासी डॉ अशरफ आलम का चयन देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कालीकट में शिक्षा विभाग के प्रोफेसर के रूप में हुआ है।
ज्ञात हो कि एनआईटी कालीकट भारत सरकार का राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है। डॉ आलम की इस उपलब्धि से बोकारो थर्मल सहित पूरे बेरमो में खुशी और गर्व का माहौल है।
डॉ अशरफ आलम जनता नगर कॉलोनी स्थित रोजी ब्यूटी पार्लर की संचालिका बिलकीस आरा उर्फ रोजी एवं स्वर्गीय मोहम्मद यासीन के पुत्र हैं। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर देश के प्रमुख संस्थान तक पहुंचने की उनकी यात्रा मेहनत, लगन और शैक्षणिक प्रतिबद्धता का प्रेरक उदाहरण है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा वेटगे पब्लिक स्कूल फेज टू से हुई।
इसके बाद उन्होंने पिट्स मॉडर्न स्कूल गोमिया से आगे की पढ़ाई की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने हंसराज कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय से अध्ययन किया तथा बाद में आईआईटी खड़गपुर से शिक्षा विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।
शिक्षा, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में डॉ आलम ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्हें एल्सवियर द्वारा शिक्षण-शोध के क्षेत्र में विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है। उनके 75 से अधिक शोध पत्र स्कोपस सूचीबद्ध अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।
एनआईटी कालीकट के शिक्षा विभाग में उनका चयन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि वे विभाग के संस्थापक संकाय सदस्यों में शामिल हुए हैं। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन की बड़ी सफलता है, बल्कि छोटे कस्बों और मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
डॉ अशरफ ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता बिलकीस आरा, पिता स्व मोहम्मद यासीन, भाई डॉ शमशेर और साहिल, पत्नी डॉ हेना, चाचा मसी जमा एवं रईसुल जमा, चाची खुर्शीदा खातून तथा अपने शिक्षकों और शुभचिंतकों को दिया है। उन्होंने विशेष रूप से वेटगे पब्लिक स्कूल और पिट्स मॉडर्न स्कूल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा के दौरान मिले मजबूत शैक्षणिक आधार ने उनके व्यक्तित्व और करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनकी इस उपलब्धि पर उनके शिक्षकों, परिजनों और स्थानीय रहिवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। रहिवासियों व् शुभचिंतको ने कहा कि डॉ अशरफ की सफलता बोकारो थर्मल, बेरमो एवं झारखंड के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। यह उपलब्धि साबित करती है कि अनुशासन और निरंतर परिश्रम के बल पर छोटे शहरों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
![]()













Leave a Reply