एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची स्थित सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) मुख्यालय 2 अप्रैल को एडवेंचर साइक्लिस्ट, एथलीट एवं पर्वतारोही आशा मालवीय पहुंची। सीसीएल मुख्यालय दरभंगा हाउस में उनका भव्य स्वागत किया गया।
जानकारी के अनुसार आशा मालवीय नारी शक्ति-देश भक्ति का संदेश लेकर बीते 11 जनवरी को जयपुर से प्रारंभ हुई अपनी 7800 किलोमीटर लंबी एकल साइकिल यात्रा पर हैं, जिसका समापन अरुणाचल प्रदेश के किबिथू में प्रस्तावित है।
सीसीएल प्रबंधन की ओर से निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार द्वारा पर्वतारोही आशा मालवीय का स्वागत किया गया।
सीसीएल मुख्यालय जनसंपर्क विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश के रायगढ़ रहिवासी आशा मालवीय का जीवन संघर्ष और प्रेरणा का अद्वितीय उदाहरण है। उनकी माता का नाम राजू बाई है। उनके पिता का देहांत तब हो गया था जब वह मात्र 2 वर्ष की थी। विषम परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने दृढ़ संकल्प एवं मेहनत के बल पर देश के अग्रणी एथलीट के रूप में अपनी पहचान बनाई।
इस अवसर पर एथलीट आशा मालवीय ने वर्ष 2023 में अपने पूर्व अभियान के दौरान सीसीएल द्वारा प्रदान किए गए सहयोग, विशेषकर साइकिल उपलब्ध कराने के लिए आभार व्यक्त किया। ज्ञात हो कि सीसीएल सदैव समाज में सकारात्मक संदेशों के प्रसार एवं युवाओं को प्रेरित करने वाली पहलों को प्रोत्साहित करता रहा है। इसी क्रम में आशा मालवीय के सम्मान में जेएसएसपीएस, खेलगांव (होटवार) परिसर में एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कैडेट्स तथा सीसीएल के लाल एवं सीसीएल की लाड़ली के छात्रों ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को दृढ़ संकल्प, अनुशासन एवं फिटनेस के महत्व के बारे में बताया।

उल्लेखनीय है कि आशा मालवीय अब तक विभिन्न अभियानों के माध्यम से 64,000 किलोमीटर से अधिक की साइकिल यात्रा पूरी कर चुकी हैं। वह एक प्रख्यात पर्वतारोही होने के साथ-साथ सौ मीटर एवं 200 मीटर स्प्रिंट में राष्ट्रीय स्तर की एथलीट भी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उनकी उपलब्धियां आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
जनसंपर्क विभाग के अनुसार सीसीएल भविष्य में भी इस प्रकार की प्रेरणादायक पहलों के प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा एवं राष्ट्रभक्ति की भावना को बढ़ावा मिले।
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