अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। रामनवमी के अवसर पर सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र की पावन भूमि पर अवस्थित वैष्णव मठ – मंदिरों में 27 मार्च को भए प्रगट कृपाला दीनदयाला, कौसल्या हितकारी। स्तुति और भव्य आरती के साथ भगवान श्रीराम का प्राकट्योत्सव दिवस धूमधाम से मनाया गया।
इस अवसर पर क्षेत्र के मंदिरों में आरती – पूजन के साथ पुजारियों ने जय श्रीराम के उद्घोष के साथ परम कृपालु, दीन-दयालु और माता कौशल्या के हितकारी (भलाई करने वाले) प्रभु श्रीराम के प्रकट होने की खुशखबरी सुनाई। श्रीराम के जयघोष से सम्पूर्ण वातावरण गुंजायमान हो उठा। इस खास मौके पर जिला के हद में नारायणी नदी किनारे सोनपुर के साधु गाछी में स्थित श्रीगजेन्द्रमोक्ष देवस्थानम नौलखा मन्दिर में भगवान श्रीराम का प्राकट्योत्सव धूमधाम से मनाया गया।
पुजारी पंडित वीरेंद्र झा शास्त्री ने बताया कि श्रीरामचरितमानस का अखण्ड पाठ प्रातः 9 बजे से प्रारंभ हुआ एवं भगवान श्रीगजेन्द्र मोक्ष बालाजी वेंकटेश, श्रीदेवी, भूदेवी, लक्ष्मी देवी सहित सभी श्रीविग्रहों का महाभिषेक सहस्त्रधारा, पद्मधारा, शंख धाराओं से, दिव्य रसायनों से फलों के रसों से महा अभिषेक किया गया। बताया कि ठीक 12 बजे दिन में श्रीराम प्राकट्य महोत्सव मनाया गया। साथ हीं दिव्य महाआरती किया गया।
इस अवसर पर हरिहर क्षेत्र सोनपुर के पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी लक्ष्मणाचार्य जी महाराज ने अयोध्या से श्रद्धालुओं को संबोधित कर अपना आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि संसार में श्रीराम ही सर्वश्रेष्ठ सत्पथ गामी हैं। श्रीराम का आचरण ही मूल सनातन धर्म है। पूर्णब्रह्म श्रीनारायण ही मृत्यु लोक में मर्यादा की स्थापना के लिए मानवावतार लिए हैं, जिन्हें श्रीराम नाम से जगत् जानता है। मौके पर सैकड़ों श्रद्धालु भगवान के अभिषेक में सम्मिलित हुए जिनमें पुजारी वीरेंद्र शास्त्री झा, गौरव झा, शिव कुमार शास्त्री, दिलीप झा, भोला सिंह, कर्ण आदि शामिल हैं।
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