Advertisement

हत्या के आरोप में दोषी पाये जाने के बाद आरोपी को आजीवन कारावास

प्रहरी संवाददाता/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के जिला जज द्वितीय सूर्य मणि त्रिपाठी की अदालत मे हत्या के आरोप में दोषी पाने के बाद आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी।

जानकारी के अनुसार जिला के हद में कसमार थाना क्षेत्र के हसलता टोला गहरीगढ़ा रहिवासी जग्गू महतो को अदालत द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी है। बताया जाता है कि कसमार थाना क्षेत्र के हसलता टोला गहरीगढ़ा रहिवासी सिकंदर महतो ने 12 जुलाई वर्ष 2018 को कसमार थाना प्रभारी के समक्ष बयान दर्ज कराया था कि उसके जमीन पर उसके पड़ोसी नकुल महतो, पुरन महतो के साथ पूर्व से विवाद चल रहा था। जिस विवाद में अंचलाधिकारी द्वारा दोनों पक्ष को विवादित जमीन पर कोई कार्य करने से मना कर दिया गया था।

वादी द्वारा कहा गया कि उक्त जमीन पर पुरन महतो, नकुल महतो दोनों आकर हल चलाने लगा, जिसे देखकर उसके पिता सहदेव महतो एवं चाचा चौहान महतो एवं पुरन महतो वहां गए और जमीन पर काम करने से मना किया। इसी क्रम में आरोपी गाली गलौज करने लगे। हल्ला की आवाज सुनकर रतन महतो, गोपाल महतो, शंकर महतो, जग्गू महतो, भुनेश्वर महतो, हरिहर महतो, सबिता देवी, शीला देवी, उषा देवी आए और मारपीट करने पर उतारू हो गया। इसी बीच रतन महतो टांगी से उसके पिता को सिर पर मारने लगा, जिससे वह गिर गए। जिसे पुरन महतो, नकुल महतो, जग्गू महतो, शंकर महतो, भुनेश्वर महतो, गोपाल महतो, लाठी डंडा से एवं अन्य ने लात से उसके पिता को मारने लगे।

जिससे उसके पिता लहुलुहान हो गए और तड़पने लगे। इस बीच उसके चाचा पिता को बचाने गए परंतु वे तमाम आरोपी नहीं माने। वादी के अनुसार मैं भी अपने पिता को बचाने हेतु हल्ला किया, मगर आरोपी नहीं माने। जब उसके पिता हिलना डुलना बंद कर दिए तो सभी आरोपी उन्हें मरा हुआ समझ कर भाग गए। कहा कि मारपीट से मेरे पिता गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिन्हें परिवार के सदस्यों के साथ इलाज कराने के लिए बीजीएच बोकारो अस्पताल ले गए, जहां से सदर अस्पताल ले जाने का सलाह दिया गया। जिसके बाद सदर अस्पताल ले गए जहां चिकित्सक द्वारा उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वादी के अनुसार प्रतिवादियों द्वारा इस घटना को सोची समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया।

उक्त बयान के आधार पर कसमार थाना में मामला दर्ज किया गया। आरोप पत्र समर्पित होने के बाद मामला स्थांतरित होकर तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के जिला जज द्वितीय सूर्य मणि त्रिपाठी के न्यायालय में आया। न्यायालय में उपलब्ध गवाह एवं उभय पक्षों के अधिवक्ता के बहस सुनने के बाद अदालत ने हत्या के आरोप में जग्गू महतो को सिद्ध दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद अभियुक्त जग्गू महतो को तेनुघाट जेल भेज दिया गया।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभारी अपर लोक अभियोजक नवीन कुमार मिश्रा ने बहस की।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *