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ढोरी क्षेत्र में त्रिपक्षीय क्षेत्रीय खान सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न

खदान में कार्य के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें-डीएमएस

प्रहरी संवाददाता/बेरमो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में सीसीएल ढोरी ऑफिसर्स क्लब में 30 जून को त्रिपक्षीय क्षेत्रीय खान सुरक्षा समिति की बैठक का आयोजन किया गया। अध्यक्षता इनमोसा के एरिया अध्यक्ष पवन कुमार सिंह ने की।

इस अवसर पर डीजीएमएस कोडरमा रिजन के खान सुरक्षा निदेशक (डीएमएस) श्याम मिश्रा, ढोरी जीएम रंजय सिंहा, डीएमएस (खनन) कोडरमा ​आर एस पाटिल, डीडीएमएस (खनन)​ रजनीश सागर, डीडीएमएस (खनन)​ राजेश चौधरी, डीडीएमएस अश्विनी कुमार, डीडीएमएस इलेक्ट्रिकल विनोद कुमार, महाप्रबंधक (एसएंडआर)​ बी पी सिंह आई एसओ, सीसीएल हेड क्वार्टर व यूनियन नेताओं ने दीप प्रज्वलित कर बैठक का उद्घाटन किया।

बैठक में खान सुरक्षा से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक एवं सारगर्भित विचार-विमर्श किया गया तथा सुरक्षित, सतत एवं दुर्घटनामुक्त कार्य संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया। इस अवसर पर डीएमएस मिश्रा ने कहा कि खदानों में अधिकारी व कामगार टीम वर्क के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वाह करें तो सुरक्षित उत्पादन होगा। किसी भी हाल में सुरक्षा के प्रति लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सर्वे ऑफ वाहनों से प्रबंधन काम लेना बंद करे। जेईएम से खरीदारी की जाने वाले सामानों की क्वालिटी में कमी की शिकायत मिली है, इसको लेकर उच्च अधिकारियों से वार्ता की जायेगी। कहा कि रिपोर्ट में बहुत सारे तथ्यों को अंकित नहीं किया गया। अगर सुरक्षा मापदंडों की अनदेखी की गयी तो कड़ी कार्रवाई की जायेगी। सुरक्षा को लेकर आवश्यक सामग्री कामगारों को समय पर उपलब्ध नहीं कराये जाने पर संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द वितरण होनी चाहिए।

डीडीएमएस इलेक्ट्रिकल ने कहा कि कभी- कभी छोटी – छोटी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बनती है। इसलिए लापरवाही न बरते। डीडीएमएस ने कहा कि खदान में कार्य के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। मजदूरों को सुरक्षा उपकरण जरूर उपलब्ध कराए। केंद्रीय अस्पताल ढोरी के सीएमओ डॉ संजय सिंहा ने कहा कि अस्पताल में डेढ़ करोड़ रुपये के ओटी उपकरण आने वाला है। अस्पताल में अल्ट्रा साउंड मशीन है, परंतु टेक्नीशियन की कमी है।

इस संबंध में पहल की जा रही है। श्रमिक नेताओं ने कहा कि श्रमिक प्रतिनिधियों द्वारा कार्य स्थलों की सुरक्षा, कार्य परिस्थितियों के सतत सुधार तथा श्रमिक कल्याण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण सुझाव सदन के समक्ष रखे गए। उनके सुझावों एवं अनुभवों को गंभीरता पूर्वक सुना गया तथा खान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु महत्वपूर्ण माना गया।

बैठक ने यह पुनः स्थापित किया कि सुरक्षित खनन सुनिश्चित करने में प्रबंधन एवं श्रमिक संगठनों की सहभागिता समान रूप से महत्वपूर्ण है। सीसीएल सुरक्षा को लेकर बैठक तो करती है, परंतु चर्चा के बिंदुओं पर पूरी तरह से अमल नहीं करती है। इसके कारण आये दिन परियोजनाओं में दुर्घटना होती है। कहा गया कि ढोरी क्षेत्र के खदानों की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे है। सुरक्षा उपकरणों की कमी व नियमों की अनदेखी से भी इंकार नहीं किया जा सकता। लगभग सभी परियोजनाओं में मजदूरों को जूता-टोपी तक मुहैया नहीं कराया गया है। खुली खदानों में हॉल रोड की स्थिति दुरुस्त नहीं है और लाइट की भी कमी है। अस्पताल में चिकित्सक हैं, परंतु संसाधन की कमी है।

बैठक में प्रबंधन और यूनियन प्रतिनिधियों ने जीरो एक्सीडेंट के लक्ष्य को लेकर मिलकर काम करने का संकल्प लिया। बैठक का संचालन डिप्टी मैनेजर ज्ञानदीप और धन्यवाद ज्ञापन के. एस. दिवेदी ने किया। मौके पर जीएम माइनिंग मनोज पाठक, पीओ राजीव कुमार सिंह, शैलेश प्रसाद व मृत्युंजय कुमार सिंह, एसओ ईएंडएम नवीन चंद, एसओ सिविल सतीश सिन्हा, एसओ एक्स उमेश कुमार पासवान, सीएमओ डॉ संजय सिन्हा, एसओ सेफ्टी अनिल कुमार तिवारी, एसओपी कुमारी माला, एरिया सुरक्षा पदाधिकारी सुरेश सिंह, मैनेजर राजीव सिंह व अंजनी सिंह, एसडीओसीएम परियोजना के सेफ्टी ऑफिसर कृपा शंकर द्विवेदी, ढोरी खास के रविकांत सिंह, एएडीओसीएम के सुमन कुमार सहित सुरक्षा समिति के क्षेत्रीय सदस्य राजेश कुमार सिंह, धीरज कुमार पांडेय, भीम महतो, जयनाथ मेहता, राजू भुखिया, सूरज महतो, कुंज बिहारी प्रसाद, नरेश प्रसाद, कैलाश ठाकुर, हरख लाल महतो आदि मुख्य से रूप मौजूद थे।

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