आरोपी को बचाने में लगी पुलिस, न्याय दिलाने को ऐपवा-माले करेगी आंदोलन
प्रहरी संवाददाता/समस्तीपुर (बिहार)। समस्तीपुर जिला के हद में मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में एक 11 वर्ष की नाबालिग लड़की के साथ 9 जून को जबरन दुष्कर्म की घटना ने दिल्ली में घटित निर्भया कांड की याद एकबार फिर आमजनों के दिलो में ताज़ा कर दिया है। लहूलुहान मरनासन्न बच्ची डर से पिता से पहले बीमारी का मामला बताकर छुपाई, लेकिन पिता के बाहर कमाने जाते ही मां को घटना की जानकारी दी है।
बताया जाता है कि बच्ची के साथ घटित दुष्कर्म की घटना की जानकारी पाकर आहत मां अपने कुछ परिचितों के साथ मुसरीघरारी पुलिस थाना जाकर आवेदन दी। पहले तो पुलिस संवेदनशिलता दिखाते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया। पीड़िता के परिजनों के अनुसार पुलिस ने आवेदन को ठंडे बस्ते में डाले रखा। तीसरे दिन कारवाई के बारे में पूछे जाने पर थानाध्यक्ष ने रसुखदार आरोपी के पैरवी पर चालाकी से पीड़िता को महिला थाना समस्तीपुर भेज दिया जहां भारी जन दबाव के बाबजूद बीते 15 जून को थाना में कांड क्रमांक-61/26 धारा 65(2), 62, 351(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा 4/6 पोक्सो अधिनियम के तहत दर्ज कर लिया गया। लेकिन, रसुखदार आरोपी को बचाने के उद्देश्य से इसे छुपाकर रख लिया गया। परिजनों के अनुसार 19 जून तक पुलिस पीड़िता के घर तक नहीं पहुंच सकी।
भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह के अनुसार सम्राट भाजपा के सम्राट सरकार की पुलिस नाकाम की सरेआम चर्चा है और जनाक्रोश भी। कहा कि यह सिर्फ एक अपराध की कहानी नहीं कानून-व्यवस्था की विफलता का गंभीर सवाल है।
उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा की सम्राट सरकार लगातार महिला सुरक्षा के दावे करती है, लेकिन समस्तीपुर की यह घटना उन दावों की सच्चाई सामने ला रही है। जब पीड़िता को न्याय के बजाय उपेक्षा मिले और आरोपी बेखौफ होकर घूमता रहे, तब सरकार और प्रशासन दोनों कठघरे में खड़े होते हैं।
सवाल उठना लाजमी है कि जब पीड़िता की माँ न्याय की गुहार लगा रही थी, तब उसकी शिकायत को मुसरीघरारी थानाध्यक्ष द्वारा गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया? पुलिस का दोहरा चरित्र ने जहां एक ओर क्षेत्र के रहिवासियों के आक्रोश को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहा है वहीं वर्तमान बिहार सरकार के छबि को धूमिल कर रहा है।
भाकपा माले एवं ऐपवा द्वारा घटना की जांच की गई है और घटना को सही पाया गया है। इसे लेकर भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य सह महिला संगठन ऐपवा के समस्तीपुर जिलाध्यक्ष बंदना सिंह ने रेप के आरोपी की अविलंब गिरफ्तारी एवं मामले में निष्क्रियता बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन का रूख अख्तियार करने की चेतावनी दी है।
![]()













Leave a Reply