Advertisement

राज्यसभा चुनाव पूर्व आरएसएस कार्यालय बमकांड संयोग या चुनावी पटकथा-नायक

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड में राज्यसभा चुनाव की पूर्व संध्या पर आरएसएस कार्यालय पर बमकांड महज़ संयोग, सुनियोजित प्रयोग या चुनावी पटकथा है? आखिर इस घटना का राजनीतिक लाभ किसे मिलने वाला था? क्या चुनावी माहौल को प्रभावित करने की साज़िश है? निष्पक्ष जांच से सच सामने आएगा। उक्त बाते 17 जून को झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने कही।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने कहा कि राज्यसभा चुनाव की पूर्व संध्या पर झारखंड की राजधानी रांची स्थित आरएसएस कार्यालय पर हुई बमबाजी की घटना अत्यंत गंभीर है। इस घटना का समय अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में ऐसी घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि जब पूरा राज्य राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया पर केंद्रित है, ठीक उसी समय इस प्रकार की घटना होना संयोग मात्र मान लेना जल्दबाजी होगी।

नायक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस को भी इस घटना का राजनीतिक लाभ उठाने की जल्दबाजी करने भावनात्मक, साम्प्रदायिकता वाले बयानबाजी और राजनीतिक शोर मचाने से बचना चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में भय, तनाव और राजनीतिक ध्रुवीकरण का वातावरण किसी के हित में नहीं है। कहा कि जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि यह बम कांड किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को प्रभावित करना, सहानुभूति बटोरना या कानून-व्यवस्था पर अनावश्यक विवाद खड़ा करना है, तो इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। वहीं यदि इसके पीछे कोई अन्य तत्व शामिल हैं, तो उसे भी कानून के कठघरे में लाया जाना चाहिए।

प्रदेश प्रवक्ता नायक ने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि दोषी चाहे किसी भी संगठन, दल या विचारधारा से जुड़ा हों, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। कहा कि लोकतंत्र में हिंसा और भय का कोई स्थान नहीं है। झारखंड में गठबंधन सरकार (जेएमएम-कांग्रेस-आरजेडी) कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और एसआईटी गठित कर दी गई है। मामले को लेकर सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को लगाया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव के समय इस तरह की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। वे सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हैं कि वे शांति बनाए रखें और बिना साक्ष्य के किसी भी तरह का राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप न करें। गठबंधन सरकार किसी भी साजिश या ध्रुवीकरण की कोशिश को सफल नहीं होने देगी।

नायक ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव जनता के विश्वास से जीते जाते हैं, भय, हिंसा या संदिग्ध घटनाओं के सहारे नहीं। इसलिए इस पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आना राज्य और लोकतंत्र दोनों के हित में है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य सभी तकनीकी पहलुओं की जांच कर शीघ्र रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि किसी प्रकार की अफवाह या राजनीतिक भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *