एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। राँची सिटीजन फोरम ने राज्य की राजधानी के सभी 53 वार्ड पार्षदों से मुलाकात कार्यक्रम के तहत उनके वार्ड की समस्याओं खासकर रांची शहरी क्षेत्र में जल जमाव की समस्या के समाधान हेतु ज्ञापन सौंपा। साथ ही सभी नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों को अंग वस्त्र देकर उनके जीत के लिए बधाई दी।
जानकारी के अनुसार सभी वार्ड पार्षदों को रांची सिटीजन फोरम द्वारा चर्चा, संवाद एवं जागरूकता के माध्यम से सकारात्मक सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया गया, ताकि सहभागिता का अवसर प्राप्त हो, जिसका लाभ सभी वार्ड क्षेत्रों की आम रहिवासियों को प्राप्त हो सके।
जानकारी के अनुसार बीते 16 जून को रांची सिटीजन फोरम अध्यक्ष दीपेश निराला की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल रांची नगर निगम के कुल 53 वार्ड क्षेत्र के सभी नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा गया तथा सम्मानित किया गया।
मुलाकात क्रम में अब तक वार्ड एक के पार्षद नकुल तिर्की, वार्ड दो की सविता कच्छप, वार्ड तीन की बसंती लकड़ा, वार्ड पांच के अवधेश बैठा, वार्ड सात की मीनू देवी, वार्ड दस की संगीता देवी, वार्ड ग्यारह की आलिया नाज, वार्ड पंद्रह की गजाला परवीन, वार्ड सोलह के मोहम्मद सलाहुद्दीन असलम, वार्ड सत्रह की फातमा शमीम, वार्ड बीस के सुनील कुमार यादव, वार्ड इक्कीस के मोहम्मद एहतेशाम, वार्ड बाइस के मोहम्मद असलम, वार्ड पच्चीस की सुषमा राज तथा वार्ड 29 के पार्षद सुनील यादव से मुलाकात कर उन्हें अंगवस्त्र देकर उनके निर्वाचन पर बधाई दी गयी।
इस अवसर पर फोरम द्वारा संबंधित के वार्ड से जुड़े विभिन्न समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन दिया गया, जिसमें मुख्य रूप से अभी बरसात के मौसम में रांची शहरी क्षेत्र में होने वाले जल जमाव पर विस्तृत चर्चा की गई। इस क्रम में आग्रह किया गया कि वे अपने-अपने वार्ड में जल निकासी के स्रोतों को चिन्हित करवाते हुए उन्हें क्लियर करवायें। यदि वहां अतिक्रमण है तो उस अतिक्रमण को कम से कम इतना हटवा दें कि जल निकास आसानी से हो सके।
फोरम के अध्यक्ष दीपेश निराला द्वारा मौके पर कहा गया कि आज से 15-20 वर्ष पूर्व झारखंड की राजधानी रांची में जल जमाव नहीं होता था। वर्षा आज की तुलना में अधिक होती थी। साथ हीं लगभग प्रतिदिन वर्षा हो जाया करती थी। गर्मी और बरसात के मौसम में, रहिवासियों को अपने साथ छाता लेकर निकलना पड़ता था।
रांची शहरी क्षेत्र में कहीं पर भी कोई जल जमाव नहीं होता था, लेकिन अब जब बरसात कम हो गई है। उसके बाद भी इधर 15-20 वर्षों में जल जमाव की स्थिति प्रचंड होते जा रही है, क्योंकि जल निकासी के पुराने मार्ग अवरुद्ध हैं और कई जगह अतिक्रमण के कारण निकासी मार्ग बंद हो चुके हैं। जिससे वर्तमान समय में जल जमाव हो रहा है। कहा गया कि यदि इन पुराने जल निकास के मार्गों को पूर्व की भांति खोल दिया जाय तो फिर वर्तमान में जिस प्रकार से जल जमाव की समस्या सामने आ रही है वह देखने को नहीं मिलेगा। इसके अलावा बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट, खुले व जाम नाले, आधी-अधूरी या क्षतिग्रस्त सड़क, पार्कों की दुर्दशा, बच्चों के लिए खेल मैदान का अभाव, अनियमित साफ-सफाई, अपर्याप्त जलापूर्ति तथा कानून व्यवस्था जैसी चुनौतियों पर भी ध्यान आकृष्ट कराया गया।
फोरम ने वार्ड पार्षदों से आग्रह किया कि सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने वार्डों में जल निकासी तंत्र की समीक्षा कर आवश्यक अतिक्रमण हटाने एवं नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित कराने की दिशा में पहल करें, जिससे रहिवासियों व् राहगीरों को राहत मिल सके।
इस बावत अधिकतर वार्ड पार्षदों का कहना है कि वे भी अपने वार्ड में अधिक से अधिक काम करवाना चाहते हैं। समस्याओं से वार्ड के रहिवासियों को निजात दिलवाना चाहते हैं, लेकिन रांची नगर निगम प्रशासन फंड का रोना रो रहा है, जिसके वजह से उनके वार्ड में कार्य प्रभावित हो रहा है। कहा गया कि रांची नगर निगम का ध्यान बड़े-बड़े योजनाओं पर अधिक है, जबकि वार्ड में छोटे-छोटे विकास योजनाओं की सबसे अधिक जरूरत है, जिसे सर्वप्रथम वरीयता के आधार पर पहले निष्पादन करने की जरूरत है।
फोरम ने सभी वार्ड पार्षदों को आश्वासन दिया कि राँची सिटीजन फोरम चर्चा, संवाद, जागरूकता एवं रचनात्मक सहयोग के माध्यम से उनके साथ सकारात्मक सहभागिता स्थापित करेगा, ताकि आमजनों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय विकसित हो तथा इसका लाभ नगर निगम के सभी 53 वार्डों की आम रहिवासियों को प्राप्त हो सके।
बीते 16 जून से शुरू इस कार्यक्रम में फोरम लगातार सभी 53 नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों से संपर्क कर उनसे मिलेंगे, विगत 2 दिनों यथा 16 व् 17 जून तक में 15 वार्ड पार्षदों से मुलाकात हो चुकी है। प्रतिनिधिमंडल में फोरम के अध्यक्ष दीपेश निराला, उपाध्यक्ष उमाशंकर सिंह, सचिव रेणुका तिवारी, संयुक्त सचिव मनीष बक्शी और संतोष मृदुला, सदस्य सुजीत कुमार पांडेय, कुमार अभिषेक दुबे, राजेश कुमार इत्यादि शामिल थे।
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