रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिले में मानवीय संवेदनशीलता और जनसेवा का प्रेरणादायक उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब 17 जून को जिला के हद में चंदनकियारी रहिवासी शंकर हांसदा के परिजनों की गुहार पर जिला उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा स्वयं सदर अस्पताल पहुंचे। गंभीर रूप से अस्वस्थ शंकर हांसदा की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद डीसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित कराई।
बताया जाता है कि सदर अस्पताल पहुंचकर उपायुक्त झा ने चिकित्सकों की टीम को मरीज का प्राथमिक उपचार शीघ्र शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्वयं चिकित्सकों से मरीज की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और बेहतर उपचार के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्होंने उसे उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रिम्स रांची रेफर करने की व्यवस्था भी तत्काल सुनिश्चित कराई।

इस दौरान डीसी ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली तथा उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों को बेहतर उपचार और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता जरूरतमंद और असहाय जनों तक समय पर सहायता पहुंचाना तथा आम रहिवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी जरूरतमंद को उपचार के अभाव में परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
डीसी की इस नेक पहल की स्थानीय रहिवासियों और मरीज के परिजनों ने सराहना की है। रहिवासियों का कहना है कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच किसी मरीज की मदद के लिए डीसी का स्वयं अस्पताल पहुंचना जनसेवा और मानवीय संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
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