प्रहरी संवाददाता/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में बेरमो अनुमंडल क्षेत्र में अवैध कोयला खनन एवं तस्करी का कारोबार लगातार जारी है। क्षेत्र के विभिन्न बंद एवं परित्यक्त खदानों से कोयला निकालकर पश्चिम बंगाल सहित देश के अन्य राज्यों में भेजे जाने का आरोप स्थानीय रहिवासियों द्वारा लगाया जा रहा है।
बताया जाता है कि अनुमंडल क्षेत्र के वैध खदानों से चोरी किया गया तथा अवैध खदानों से निकाले गए कोयले को पहले मोटरसाइकिलों तथा स्कूटरों के माध्यम से विभिन्न स्थानों तक पहुंचाया जाता है, इसके बाद रात के अंधेरे में पिकअप वैन एवं ट्रैक्टरों से बड़े पैमाने पर परिवहन किया जाता है। यही नहीं बल्कि अवैध कोयला कारोबारी अनुमंडल क्षेत्र के पिछरी, सतनपुर, बुडगड्डा तथा नावाडीह के कोक फैक्ट्रीयों में भेजकर मालामाल हो रहे है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार प्रतिदिन लगभग 400 से 500 बाइक तथा स्कूटर कोयला ढोते अनुमंडल के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुजरती देखी जा सकती हैं। इसके बावजूद अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। क्षेत्र के रहिवासियों का कहना है कि समय-समय पर सीसीएल द्वारा छापेमारी अभियान चलाया जाता है, लेकिन यह कार्रवाई केवल खानापूर्ति तक सीमित नजर आती है। छापेमारी के कुछ समय बाद ही अवैध खनन और परिवहन का कार्य दोगुनी रफ्तार से पुनः शुरू हो जाता है।
क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध कोयला खनन और तस्करी पर स्थायी रोक लगाने की मांग की है। कहा गया है कि अवैध खनन से सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं खदानों में कार्य करने वाले मजदूरों की जान भी जोखिम में रहती है। कई बार अवैध खदानों के धंसने से दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, इसके बावजूद यह कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है।
ग्रामीणों ने बोकारो जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं सीसीएल प्रबंधन से संयुक्त अभियान चलाकर अवैध खनन और कोयला तस्करी के नेटवर्क पर लगातार कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनी रहे और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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