चोरों द्वारा किया गया महत्वपूर्ण दस्तावेज को गायब
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में सोनपुर थाना क्षेत्र के सबलपुर पूर्वी पंचायत हस्ती टोला स्थित लालू प्रसाद यादव उच्च विद्यालय में बीते 30-31 मई की रात अज्ञात चोरों ने विद्यालय का ताला तोड़कर लाखों रुपये के सामान और कई महत्वपूर्ण अभिलेख चोरी कर लिए।
घटना की जानकारी 31 मई की सुबह तब हुई जब विद्यालय खोला गया। मामले को लेकर प्रभारी प्रधानाध्यापक अमरेश कुमार ने सोनपुर थाने में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
पुलिस को सौंपे गए आवेदन के अनुसार बीते 30 मई की रात चोरों ने विद्यालय का ताला तोड़ा और कीमती सामानों पर हाथ साफ कर दिया, जिसमें तीन बिजली के पंखे, बच्चों के बैठने के लिए बेंच और कुर्सियां, एक लोहे का दरवाजा तथा खिड़की की ग्रिल एवं डॉ एपीजे अब्दुल कलाम पुस्तकालय की लगभग एक हजार किताबें शामिल हैं।
बताया जाता है कि चोरों ने कार्यालय में रखी गोदरेज की अलमारी को तोड़कर विद्यालय के अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज भी चुरा लिए। गायब होने वाले दस्तावेजों में प्रवेश पंजी, छात्र उपस्थिति पंजी, स्थानांतरण प्रमाण पत्र, निर्गत पंजी, मूल प्रमाण-पत्र, अंक-पत्र, एल.सी., पंजीयन पत्र तथा उनके निर्गत करने से संबंधित सभी मुख्य रजिस्टर शामिल हैं।
इस बावत एक जून को प्रभारी प्रधानाध्यापक ने बताया कि इन महत्वपूर्ण दस्तावेजों के चोरी होने से छात्रों के भविष्य और उनके शैक्षणिक कार्यों में भारी बाधा उत्पन्न होगी। उन्होंने पुलिस प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई करते हुए चोरों की गिरफ्तारी और सामान व अभिलेखों की बरामदगी की गुहार लगाई है।
नाम परिवर्तन के बाद से ही उपेक्षा का शिकार है यह विद्यालय
विद्यालय के इतिहास के अनुसार वर्ष 1980 में श्रीराम जानकी मठ की जमीन पर श्रीराम जानकी वृक्षा गंगा उच्च विद्यालय’की स्थापना की गयी थी। उस समय सबलपुर दियारा क्षेत्र के चार पंचायतों के लिए यह इकलौता उच्च विद्यालय था। स्थानीय रहिवासियों का कहना है कि वर्ष 1986 में राजनीतिक प्रभाव के कारण विद्यालय का नाम बदलकर लालू प्रसाद यादव उच्च विद्यालय’m कर दिया गया।

नाम परिवर्तन के प्रस्ताव पर अन्य सदस्यों के साथ आज भी लालू प्रसाद यादव के हस्ताक्षर मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में इस विद्यालय का सरकारीकरण नहीं किया, जिसके बाद से ही विद्यालय बदहाली की राह पर चल पड़ा।
बताया जाता है कि पिछले वर्ष 2025 में राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सांसद डॉ मनोज झा ने विद्यालय के नए भवन निर्माण के लिए अपने संसदीय कोष से लगभग 60 लाख रुपये का टेंडर निकाला था। हालांकि, हस्ती टोला के ही कुछ स्थानीय रहिवासियों के विरोध के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। इस प्रक्रिया के दौरान ठेकेदार ने निर्माण कार्य के लिए विद्यालय का एक पुराना व जर्जर कमरा तोड़ दिया था। कमरा टूटने के बाद से विद्यालय परिसर और भी असुरक्षित हो गया।
बताया जाता है कि विभागीय या प्रशासनिक स्तर पर भी भवन निर्माण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण यह विद्यालय प्रांगण लंबे समय से स्थानीय असामाजिक तत्वों का अड्डा बना था, जिसका खामियाजा अंततः इस बड़ी चोरी के रूप में भुगतना पड़ा है।
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