इकतालिस मामलों की सुनवाई, लापरवाह अफसरों को डीएम की सख्त चेतावनी
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। कोसी प्रमंडल के हद में मधेपुरा जिला समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में 8 जून को जिला पदाधिकारी (डीएम) अभिषेक रंजन की अध्यक्षता में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे आमजनों ने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक और विकासात्मक समस्याओं से जुड़े कुल 41 आवेदन डीएम के समक्ष प्रस्तुत किए।
जानकारी के अनुसार आयोजित जन सुनवाई के दौरान डीएम ने सभी आवेदकों की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना और मौके पर ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को उनके त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निपटारे का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सबसे प्रभावी मंच है। आम रहिवासियों की समस्याओं का समयबद्ध और न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मौके पर डीएम अभिषेक रंजन ने अधिकारियों को दो टूक लहजे में हिदायत देते हुए कहा कि जिला प्रशासन सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर काम कर रहा है। इसलिए प्राप्त सभी आवेदनों का निष्पादन निर्धारित समय सीमा के भीतर कर आवेदकों को तुरंत राहत पहुंचाई जाए। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जनसमस्याओं के निवारण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी या लापरवाही को कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई की जायेगी।
डीएम ने कहा कि जन सुनवाई के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों और सुझावों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक संवेदनशील, प्रभावी और जनता के प्रति जवाबदेह बनाया जा सके। कहा कि जिला प्रशासन मधेपुरा जन सहभागिता और त्वरित सेवा वितरण के संकल्प के साथ आम जनों की समस्याओं को सुलझाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
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