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अतिक्रमणकारियों ने फिर किया बीएसएल सुरक्षा टीम पर हमला

डीजीएम कर्नल शेखावत शुगर मरीज, फिर भी करते है जान जोखिम वाला काम

प्रहरी संवाददाता/बोकारो। सेल के बोकारो स्टील प्लांट में कब्जेदारों की गुंडई लगातार बढ़ती जा रही है। अवैध बिजली कनेक्शन जोड़ने से रोकने पहुंची बीएसएल प्लांट के कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों पर 22 मई को अतिक्रमनकारियों द्वारा हमला कर दिया गया।

मिली जानकारी मुताबिक घटना के दौरान अतिक्रमनकारियों द्वारा बीएसएल टीम पर पत्थरबाजी की गई, वहीं चाकू और कुल्हाड़ी लेकर दौड़ाया गया। पूरे घटनाक्रम से प्लांट प्रबंधन और कर्मचारियों में दहशत का माहौल बन गया है। बताया जाता है कि बोकारो के सेक्टर छह थाना क्षेत्र के बोकारो होटल के पीछे अवैध रूप से रह रहे अतिक्रमनकारियों द्वारा बिजली कनेक्शन जोड़े जाने की शिकायत बीएसएल प्लांट के सुरक्षा टीम को मिली थी। इसके बाद विभागीय टीम और सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे। कार्रवाई शुरू होते ही कब्जेदार उग्र हो गए और विरोध करते हुए मारपीट पर उतारू हो गए।

आरोप है कि हमलावरों ने सुरक्षा जवानों के साथ धक्का-मुक्की के साथ पथराव शुरू कर दिया। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि मौके पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी जान बचाकर भागने को मजबूर हो गए। बताया जाता है कि इस दौरान अतिक्रमनकारियों ने बीएसएल के डीजीएम सिक्योरिटी कर्नल आर एस शेखावत के साथ भी अभद्रता और धक्का-मुक्की की। इस दौरान कुछ सुरक्षा कर्मियों को चोटें आई हैं, जबकि एक कर्मचारी का मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया।

घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। सुरक्षा विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए थाना में लिखित शिकायत की है। विभाग द्वारा पुलिस में दिए तहरीर में आरोपियों के खिलाफ हमला, मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा और जान से मारने की धमकी देने जैसी धाराओं में कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

विदित हो कि बीएसएल प्लांट सुरक्षा विभाग के डीजीएम कर्नल आर एस शेखावत ईमानदारी और अपने कार्यकुशलता के कारण जाने जाते है। भ्रष्टाचार इनको कत्तई पसंद नहीं है। आखिर हो भी क्यों वे सेना में कर्नल रह चुके है। ज्ञात हो कि बीती रात को कर्नल अपने पत्नी का भिल्लौर से इलाज करवाकर लौटे और आज सुबह वे अपनी ड्यूटी में तैनात हो गए। ध्यान देने योग्य है कि कर्नल खुद शुगर के मरीज है।

इनका शुगर लेबल लगभग साढ़े तीन सौ प्लस रहता है। वे इंसुलिन लेकर भी अपने काम को करते है, यानी जान जोखिम में डालकर। कर्नल के मां की भी तबियत अक्सर खराब ही रहता है, फिर भी अपने काम में कोई कोताही नहीं करते है।
ऐसे सच्चे अधिकारी पर प्लांट प्रबंधन को ध्यान देना चाहिए कि इनके पसंदीदा जगह पर इनका तबादल कर दे, ताकि ये वहां खुद भी देखभाल के साथ अपने बीमार परिवार को भी अच्छी तरह देखभाल कर सके।

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