ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के एसीजेएम मनोज कुमार प्रजापति ने सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने के मामले की सुनवाई की।
जानकारी के अनुसार एसीजेrm की अदालत ने जिला के हद में नावाडीह थाना क्षेत्र के सूरही रहिवासी रऊफ अंसारी, मोहीद्दीन अंसारी उर्फ मोहीउद्दीन अंसारी और साधु अंसारी को सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के मामले में दोषी पाने के बाद एक वर्ष की सजा सुनाई है।
बताते चले कि नावाडीह के अंचल अधिकारी अंगार नाथ मिश्रा ने स्थानीय थाना प्रभारी के समक्ष रऊफ अंसारी, मोहीद्दीन अंसारी उर्फ मोहिउद्दीन अंसारी, साधु अंसारी तथा पचास अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। जिसमे बताया गया कि अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो के साथ सशस्त्र पुलिस बल और चौकीदार जब सुरही मौजा के खाता नंबर 72 के प्लॉट नंबर 504 रकवा 20 डिसमल पर पहुंचे, उसी समय उपरोक्त अभियुक्तगण और 50 अज्ञात रहिवासी पहुंचकर विरोध करने लगे, साथ हीं ईंट पत्थर से पथराव करने लगे। तब अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि यह सरकारी जमीन है और आप सरकारी कार्य में बाधा नहीं पहुंचा सकते। लेकिन अभियुक्त गण उसी समय गाली गलौज करने लगे। यह भी आरोप लगाया कि अनुमंडल पदाधिकारी के आदेश को नहीं माना और विरोध कर गाली गलौज किया गया।
सीओ के उक्त बयान के आधार पर नावाडीह थाना में मामला दर्ज किया गया। न्यायालय में प्रस्तुत गवाह एवं दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं का बहस सुनने के बाद एसीजेएम मनोज कुमार प्रजापति ने रऊफ अंसारी, मोहीद्दीन अंसारी उर्फ मोहिउद्दीन अंसारी एवं साधु अंसारी को एक वर्ष की सजा एवं ₹5000 जुर्माने की सजा सुनाई।
सजा सुनाए जाने के बाद अभियुक्त के अधिवक्ता द्वारा आवेदन दिया गया कि अभियुक्त उक्त सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेगी। उक्त आवेदन के आधार पर अभियुक्त गणों को जमानत पर छोड़ा गया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक लोक अभियोजक नवीन कुमार मिश्रा ने बहस किया।
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