रंजन वर्मा/कसमार(बोकारो)। अखंड भारत पर्यावरण यात्रा के 10वें दिन 4 अक्टूबर को राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह के अवसर पर देवघर में वन्यजीव संरक्षण को लेकर जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में प्राकृतिक रक्षण की टीम ने सक्रिय रूप से भाग लिया और रहिवासियों को वन्यजीवों की सुरक्षा, वनों के संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन के प्रति जागरूक किया गया।
जानकारी के अनुसार आयोजित रैली के माध्यम से रहिवासियों से वन एवं वन्यजीवों की रक्षा, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की अपील की गई। अखंड भारत पर्यावरण यात्रा के उद्देश्य के अनुरूप प्राकृतिक रक्षण की टीम ने आम जनों से प्रकृति संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर प्राकृतिक रक्षण के प्रतिनिधि बबलू कुमार महतो ने कहा कि वन्यजीवों और प्रकृति का संरक्षण केवल किसी एक संस्था या संगठन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक रहिवासी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि आज जंगलों, वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा नहीं की गई, तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल जागरूकता अभियान चलाना पर्याप्त नहीं है। प्रत्येक रहिवासी को अपने दैनिक जीवन में भी प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभानी होगी। जंगलों की कटाई रोकने, वन्यजीवों की सुरक्षा करने और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा।
महतो ने कहा कि अखंड भारत पर्यावरण यात्रा का उद्देश्य आमजनों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ प्रकृति के प्रति उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराना है। इस प्रकार के अभियान समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने के साथ आमजनों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करते हैं।
देवघर वन प्रमंडल के डीएफओ ने कहा कि वन्यजीव और जंगल प्रकृति के पारिस्थितिक संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। कहा कि वन्यजीवों का संरक्षण केवल विभागीय प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें आम जनों की सहभागिता भी जरूरी है। उन्होंने रहिवासियों से वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करने, जंगलों को नुकसान नहीं पहुंचाने तथा अवैध शिकार और वन्यजीवों से संबंधित गतिविधियों की जानकारी मिलने पर वन विभाग को सूचित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह जैसे कार्यक्रम आम रहिवासियों को प्रकृति और वन्यजीवों के महत्व से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। कहा कि जागरूकता के माध्यम से ही वन्यजीव संरक्षण को जनभागीदारी से मजबूत किया जा सकता है। रैली के दौरान प्राकृतिक रक्षण की टीम ने वन्यजीवों और प्रकृति की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया गया। प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य बचेगा के संदेश के साथ वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति समाज को जागरूक करने तथा प्रकृति संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया गया।
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