प्रहरी संवाददाता/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में व्यवहार न्यायलय तेनुघाट के जिला जज तृतीय की अदालत ने विश्वनाथ महतो के हत्या का आरोपी मुंशी महतो एवं उनके पुत्र प्रेमचंद महतो को साक्ष्य के अभाव में रिहा करने का आदेश दिया।
ज्ञात हो कि जिला के हद में कसमार प्रखंड के बेंदोटांड़ रहिवासी सूचक मनोज कुमार महतो के लिखित आवेदन के आधार पर पेटरवार थाना में 29 सितंबर 2023 को कांड क्रमांक 149/23 भादवि की धारा 302/34 के तहत प्राथमिक दर्ज की गई थी।
सूचक के लिखित आवेदन के आधार पर सूचक का जमीन मौजा- गागी, थाना- पेटरवार, खाता संख्या- 23, प्लॉट संख्या- 96 और 99 में भेलवाटांड रहिवासी उमेश महतो, मुंशी महतो, गनसु महतो एवं खिरोधर महतो के साथ था, जिसे उक्त जमीन पर कई बार काम करने से रोका गया था। घटना के दिन समय लगभग 10 बजे पुनः उक्त जमीन पर उपरोक्त आरोपियों द्वारा अवैध रूप से निर्माण किया जाने लगा। सूचना पाकर सूचक तुलसी महतो, रितवरण महतो, कुलदीप महतो, रमेश महतो, लक्ष्मण महतो एवं सूचक के पिता विश्वनाथ महतो काम रोकने के लिए उक्त स्थल पर पहुंचे तथा काम करने से मना किया।
तत्पश्चात मंशु महतो, मुंशी महतो, गनसु महतो, उमेश महतो, गुड्डू महतो, करमचंद महतो, गुजू महतो, करण महतो, प्रेमचंद महतो, कृष्ण महतो, उमेश की पत्नी एवं अन्य महिलाएं सभी एकमत होकर सूचक के पिता पर उक्त स्थल पर पड़े ईट से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। सूचक के लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज किया गया।
अनुसंधान पूर्ण होने पर आरोप पत्र समर्पित होने के पश्चात विचारण हेतु सत्र वाद संख्या 61/24 अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय बेरमो मुख्यालय तेनुघाट की अदालत में चला। न्यायलय में उपलब्ध गवाहों के बयान एवं दोनों तरफ के अधिवक्ता के बहस सुनने के बाद जिला जज तृतीय की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में आरोपी मुंशी महतो एवं प्रेमचंद महतो को रिहा करने का आदेश सुनाया। इस मामले में अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता रितेश कुमार जायसवाल एवं सहयोगी अधिवक्ता मुनमुन कुमारी ने बहस की।
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