आमजन को ऊंची कीमत पर खरीदनी पड़ रही है बालू
जिले में अवैध बालू कारोबार को लेकर खनन विभाग की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध बालू का कारोबार कथित तौर पर धड़ल्ले से जारी है। जिला के हद में पेटरवार, कसमार, जरीडीह, चंद्रपुरा, नावाडीह एवं गोमिया क्षेत्र में बालू के अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हैं। आरोप है कि अवैध रूप से निकाली जा रही बालू का उपयोग विभिन्न सड़क निर्माण परियोजनाओं में किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सिक्स लेन सड़क निर्माण तथा ओरमांझी से जैनामोड़ तक निर्माणाधीन सड़क परियोजना में अवैध बालू की खपत हो रही है। वहीं पेटरवार से कसमार एवं जरीडीह क्षेत्र में भारतमाला सड़क निर्माण परियोजना में भी बालू खपाए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
एक ओर सड़क निर्माण परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर बालू की खपत की चर्चा है, वहीं दूसरी ओर आम जनों को अपने घरों एवं अन्य निजी निर्माण कार्यों के लिए ऊंची कीमतों पर बालू खरीदनी पड़ रही है। इससे आम रहिवासियों और छोटे निर्माण कार्य कराने वाले कारीगरो की आर्थिक परेशानी बढ़ रही है।
खनन विभाग और प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवाल
बोकारो जिला के विभिन्न क्षेत्र में कथित अवैध बालू कारोबार को लेकर संबंधित खनन विभाग एवं जिला प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। यदि अवैध उत्खनन एवं परिवहन जारी है, तो इस पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग पा रही है? साथ ही निर्माणाधीन सड़क परियोजनाओं में उपयोग की जा रही बालू के स्रोत और वैध चालान की जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है। रहिवासियों की मांग है कि जिला प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराए। अवैध बालू उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही सड़क निर्माण परियोजनाओं में इस्तेमाल हो रही बालू की वैधता की भी जांच की जाए, ताकि सरकारी राजस्व की हानि को रोका जा सके और आमजन को उचित दर पर बालू उपलब्ध हो सके।
सूत्र बताते है कि रात दस बजे से शुरू होकर सुबह तक जिला के हद में दामोदर नदी तट खेतको, असनापानी, बेरमो खटाल, चलकरी बालू बंकर, राजाबेड़ा, बोकारो नदी तट साड़म, होसिर, बांध, कोनार नदी ललमटिया-पिपराडीह, स्वांग, लोहा पुल बोकारो थर्मल आदि क्षेत्र से अवैध बालू का कारोबार देखने को मिलेगा। जिससे उपरोक्त नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। मामले में विभाग की सुस्ती रहिवासियों के समझ से परे है।
![]()













Leave a Reply