प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। बांग्ला भाषा उन्नयन समिति झारखण्ड के एक प्रतिनिधि मण्डल ने 30 सितम्बर को उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) एवं अनुमण्डल पदाधिकारी धालभूम कार्यालय में बांग्ला भाषा उन्नयन समिति, झारखंड द्वारा एक विशेष मांग पत्र सौंपा गया।
जानकारी के अनुसार मांग पत्र के माध्यम ये मांग किया गया कि ग्रामीण क्षेत्र के एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी जिला के हद में पोटका प्रखंड रहिवासी सुनील कुमार दे, जिन्होंने बांग्ला एवं हिंदी भाषा में कुल 35 किताबें प्रकाशित कर साहित्य जगत को एक महत्वपूर्ण योगदान प्रस्तुत किया है। इसके अलावे उन्होंने पोटका और राजनगर प्रखंड के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र में रक्तदान का अलख जगाया है। इनकी प्रेरणा और प्रयास से अभी तक 60 से ऊपर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है। इसके अलावे बांग्ला भाषा को बचाने के लिए माताजी आश्रम की ओर से उनके नेतृत्व में अभी तक 34 अपूर पाठशाला चालू की गई है।
आध्यात्मिक तथा जन सेवा में हाता माताजी आश्रम के संयुक्तता के माध्यम से बिगत 45 वर्षो से अभी तक निरंतर समाज को नई दिशा दे रहे है। ऐसे महान बिभूति को तथा एक स्वच्छ सरल सादगी भरी व्यक्तित्व को सरकार द्वारा पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित करना चाहिए। आवेदन के साथ विभिन्न दस्तावेज तथा उनके ऑनलाइन आवेदन की कॉपी भी सुपुर्द किया गया। प्रतिनिधि मण्डल में मुख्य रूप से क्षेत्र के समाजसेवी, साहित्यकार तथा पूर्व जिला परिषद करुणामय मण्डल, समिति के सचिव राजेश राय आदि शामिल थे।
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