Advertisement

पति की मौत व् सरकार की बेरुखी के बाद सीमा को मदद की दरकार

दो बच्चों के साथ मुफलिसी की जिंदगी जीने को मजबूर एक माँ

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। दर्द से रोते बिलखते पति की मौत के बाद बेसहारा दो मासूम बच्चों की मां इस दर्द भरे जिंदगी से हारती जा रही है। क्या हम उसका सहारा बन सकते हैं?

जानकारी के अनुसार झारखंड की राजधानी रांची के पिस्का नगड़ी रहिवासी सीमा लोहरा के पति की बीते वर्ष दिसंबर में मुफलिसी के बीच मौत हो गई। दो बच्चों की माँ सीमा का एक तीन साल का तथा दूसरा चार महीने का दूधमुंहा बेटा है। सीमा आज अकेली है। न कोई कमाने वाला, न कोई सहारा।

गोद में बच्चे को लेकर काम की तलाश में निकलती हैं, लेकिन हर जगह उसकी कमजोर होती शरीर को लेकर उसे काम नहीं मिलता और निराशा हीं हांथ लगती है। कई दिनों से उसके घर में चूल्हा तक नहीं जल रहा है। भूख का दर्द इतना गहरा है कि सीमा लोहरा कहती है कि मेरे बच्चों को किसी अनाथालय में रख दीजिए, कम से कम उनका भविष्य तो बच जाएगा। ऐसे में हमारा एक छोटा-सा सहयोग दो मासूम बच्चों के चेहरे पर मुस्कान और एक मां की आंखों में उम्मीद लौटा सकता है। सवाल यह कि क्या इंसानियत अभी जिंदा है?

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *