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सहयोगिनी मे कारीगरों के ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग पर एक दिवसीय कार्यक्रम

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। ​भारत सरकार के एमएसएमई विकास कार्यालय रांची द्वारा बीते 7 अक्टूबर को बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड सहयोगिनी बहादुरपुर कार्यालय सभागार में पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में पीएम विश्वकर्मा योजना के स्टेज-III से सत्यापित 100 से अधिक पारंपरिक कारीगरों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और अपने व्यवसाय को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाने के गुर सीखे। शुरुआत एमएसएमई विकास कार्यालय रांची के सहायक निदेशक एवं कार्यक्रम समन्वयक गौरव कुमार द्वारा अतिथियों के स्वागत के साथ की गयी। उन्होंने आगत अतिथियों को शॉल और स्मृति-चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर एमएसएमई विकास कार्यालय रांची के निदेशक इंद्रजीत यादव ने कारीगरों को संबोधित करते हुए योजना के विभिन्न प्रावधानों और मिलने वाले व्यापक लाभों पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज के प्रतिस्पर्धी बाजार में ब्रांडिंग और मार्केटिंग किसी भी उत्पाद की सफलता की धुरी है। कारीगरों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने उत्पादों की बेहतर पहचान बनाएं, डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करें और बाजार तक अपनी सीधी पहुंच बढ़ाकर अपने पुश्तैनी व्यवसाय को एक नए मुकाम पर ले जाएं।

​प्रशिक्षण और कौशल विकास के झारखंड के उप निदेशक मनीष मिश्रा ने कारीगरों के लिए आयोजित होने वाले उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विभाग की अन्य गतिविधियों की जानकारी दी। एलडीएम प्रकाश मिश्रा एवं बैंक ऑफ इंडिया के एफएलसी नसीरुद्दीन अंसारी, मैनेजर के.के. ठाकुर ने बैंकों द्वारा एमएसएमई क्षेत्र के लिए उपलब्ध ऋण सुविधाओं, बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया।

चास की प्रोफेसर अपूर्वा सिन्हा ने कारीगरों को आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स के इस्तेमाल से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि कैसे ये डिजिटल माध्यम उत्पादों के आकर्षक डिजाइन तैयार करने और प्रचार-प्रसार में मददगार साबित हो सकते हैं। राँची के बिजनेस फैसिलिटेटर सुबोध कांत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से, शो के प्रतिनिधि अभिषेक राणा ने जेम पोर्टल तथा मेशो जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर ऑनबोर्डिंग की पूरी प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि कैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए स्थानीय कारीगर अपने उत्पादों को देश-विदेश के बड़े बाजारों तक बेच सकते हैं।

सहयोगिनी के निदेशक गौतम सागर, जिला उद्यमी समन्वयक किशोर रजक तथा डीसी बोकारो के प्रतिनिधि विकास कुमार ने भी योजना के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सहयोगिनी के रवि कुमार राय, अभय कुमार, विकाश कुमार, कुमारी किरण, विनीता कुमारी, कुमार गौरव, लबनी घोष, नीतू कुमारी आदि उपस्थित थे।

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