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सम्मान, पेंशन और आरक्षण की मांग पर सड़क पर उतरे झारखंड आंदोलनकारी

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड आंदोलनकारियों को उचित सम्मान, पेंशन, सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण तथा सभी आंदोलनकारियों को स्वास्थ्य बीमा की सुविधा देने की मांग को लेकर 30 सितंबर को बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड में बंद का आयोजन किया गया। खैराचातर समेत प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में आंदोलनकारियों ने दुकानों को बंद कराया। बंद को दुकानदारों का समर्थन मिला और कई स्थानों पर बाजार पूरी तरह बंद रहे।

इस अवसर पर आंदोलनकारी विष्णु चरण महतो ने कहा कि अलग झारखंड राज्य के निर्माण में आंदोलनकारियों ने अपना जीवन संघर्ष में लगा दिया। अनेक आंदोलनकारियों ने लाठी-डंडे और जेल की यातनाएं झेलीं, तब जाकर अलग राज्य का सपना साकार हुआ। इसके बावजूद आज भी कई आंदोलनकारी अपने अधिकार और सम्मान के लिए सरकार की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार झारखंड आंदोलनकारियों को उचित सम्मान देते हुए सभी पात्र आंदोलनकारियों को पेंशन, सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण और स्वास्थ्य बीमा की सुविधा देने के लिए ठोस निर्णय ले। आंदोलनकारियों के परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में भी सरकार को पहल करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों पर जल्द सकारात्मक विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा तथा जरूरत पड़ी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

जगन्नाथ महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के संघर्ष और योगदान को सरकार को सम्मान के साथ स्वीकार करना चाहिए। उनकी लंबित मांगों का जल्द समाधान किया जाना जरूरी है। आनंद कुमार महतो ने कहा कि आंदोलनकारियों को उनका हक और सम्मान मिलना चाहिए। सरकार को पेंशन, आरक्षण और स्वास्थ्य बीमा की मांग पर शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। अनीश कुमार जायसवाल ने कहा कि आंदोलनकारियों की मांगें वर्षों से चली आ रही हैं। सरकार को अब आश्वासन के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए।

आलोक पांडेय ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों ने राज्य निर्माण के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके सम्मान और अधिकार के लिए सरकार को सकारात्मक पहल करते हुए जल्द निर्णय लेना चाहिए। बंद के दौरान उपरोक्त समेत बड़ी संख्या में झारखंड आंदोलनकारी एवं समर्थक मौजूद थे। आंदोलनकारियों ने सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की और कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

इस अवसर पर जगरनाथ महतो, किंकर महतो, आलोक पांडेय, जयनंदन महतो, महावीर महतो, बिनोद महतो, झगड़ू महतो, आनंद साव, आनंद महतो, रामबिलास महतो, मुरारी महतो, अनीश जायसवाल, फागू महतो, धर्मनाथ महतो, चंदमुख महतो, प्रकाश महतो, अशोक सिंह, हीरालाल स्वर्णकार, गंगाधर महतो, लक्ष्मण महतो, अनवर मियां आदि सैकड़ों समर्थक शामिल थे।

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