जांच कर दोषी पुलिस अधिकारी पर हो मामला दर्ज व् कार्रवाई-सुरेंद्र
प्रहरी संवाददाता/समस्तीपुर (बिहार)। बिहार के समस्तीपुर में पुलिस की पिटाई से कस्टडी में युवक की मौत की सूचना है। घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों के बीच कोहराम मच गया। परिजन घटना के बाद आक्रोश में है।
जानकारी के अनुसार शराब मामले में उत्पाद विभाग समस्तीपुर की टीम ने दो दिन पहले जिला के हद में हलई थाना क्षेत्र के बाजिदपुर करनैल वार्ड एक रहिवासी स्व. बटोही महतो के 35 वर्षीय पुत्र सुनील कुमार महतो को गिरफ्तार किया था। परिजनों के अनुसार उत्पाद पुलिस गिरफ्तारी के दौरान तथा पटोरी पुलिस हाजत में आरोपी युवक की जमकर पिटाई की गई थी। तत्पश्चात उसे जेल भेज दिया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। बावजूद इसके समस्तीपुर पुलिस ने आनन-फानन में उसे अस्पताल लाई जहां चिकित्सक ने भी उसे मृत घोषित कर दिया।

परिजनों के अनुसार मृतक के शरीर पर मौजूद पिटाई का निशान तथा ब्लिडिंग से पता चलता है कि पुलिस पिटाई से ही उसकी मौत हुई है। इस बावत भाकपा माले जिला स्थायी समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने 3 जून को कहा कि एक हट्टे-कट्टे युवा की यूं ही मौत नहीं हुई होगी। पुलिस पिटाई से पुलिस हाजत में युवक की मौत को गंभीर मामला बताते हुए उन्होंने इसकी निन्दा की है। साथ ही घटना की जांच कर दोषी पुलिस कर्मी व् अधिकारी पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजने एवं नौकरी से बर्खास्त करने, मृतक के परिवारजनों को 10 लाख रुपए मुआवजा देने तथा पुलिस की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है।
माले नेता ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा पुलिस को खुली छूट देने का नतीजा है कि पुलिस मनमानी पर उतर आई है। पुलिस मानवाधिकार का खुल्लम खुल्ला उलंघन कर रही है। पैसा-पैरवी के बल पर दोषी को निर्दोष एवं निर्दोष को दोषी साबित करती है। उन्होंने दोषी पुलिस-अधिकारियों पर कारवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।
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