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श्रमिकों के लिए हर प्रखंड व् शहर में बने आधुनिक श्रम विश्राम भवन-विजय शंकर नायक

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। मुख्यमंत्री द्वारा शहरी श्रमिकों के लिए दाल-भात केंद्र स्थापित करने की घोषणा का स्वागत योग्य है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि महिला एवं पुरुष श्रमिकों के लिए झारखंड के हर प्रखंड और शहर में आधुनिक श्रम विश्राम भवन बने। उक्त बातें झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने 3 जून को कही।

झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता नायक ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा शहरी क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए स्थान चिन्हित कर दाल-भात केंद्र स्थापित करने की घोषणा का स्वागत करते हुए इसे श्रमिकों, गरीबों एवं असंगठित क्षेत्र के कामगारों के हित में ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि दाल-भात केंद्रों की स्थापना से रोजी-रोटी की तलाश में शहरों और कस्बों में आने वाले हजारों मजदूरों, रिक्शा चालकों, निर्माण श्रमिकों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सस्ता एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध होगा, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आएगा।

नायक ने मुख्यमंत्री से मांग की कि राज्य सरकार इस पहल को और व्यापक बनाते हुए झारखंड के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों, प्रखंड मुख्यालयों, नगर निकायों तथा औद्योगिक क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त श्रम भवन का निर्माण कराए। उन्होंने कहा कि इन श्रम भवनों में पुरुष एवं महिला श्रमिकों के लिए अलग-अलग विश्राम कक्ष, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, स्नान घर, लॉकर, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, बच्चों के लिए क्रेच, पुस्तकालय तथा श्रमिक पंजीकरण एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था होनी चाहिए।

उन्होंने विशेष रूप से महिला श्रमिकों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि निर्माण कार्य, कृषि एवं असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत लाखों महिला श्रमिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। श्रम भवन उनके लिए सुरक्षा, सुविधा और सम्मान के केंद्र बन सकते हैं। नायक ने कहा कि झारखंड के विकास में श्रमिकों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में श्रमिक बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। यदि राज्य सरकार श्रम भवनों की स्थापना करती है तो यह श्रमिकों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए और भी ठोस कदम उठाएगी तथा राज्य को देश का सबसे श्रमिक हितैषी राज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

 

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