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मेघाहातुबुरु खदान में श्रमिकों का काम बंद आंदोलन, प्रबंधन के आश्वासन पर समाप्त

सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में मेघाहातुबुरु स्थित सेल खदान में धूलकण नियंत्रण, नियमित पानी छिड़काव, सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर 3 जून की सुबह लगभग 6 बजे स्क्रीनिंग, क्रशिंग एवं लोडिंग विभाग के सेल कर्मियों और ठेका श्रमिकों ने काम बंद कर आंदोलन शुरू कर दिया।

जानकारी के अनुसार कर्मियों और ठेका श्रमिकों के आंदोलन की सूचना मिलते ही महाप्रबंधक अरविंद बिन्हा, उप महाप्रबंधक दिलीप कुमार, सहायक महाप्रबंधक शशिभूषण, एम.एन. रूंडा सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और श्रमिकों के साथ वार्ता की। इस दौरान श्रमिकों ने खदान क्षेत्र में बढ़ते धूलकण, अपर्याप्त पानी छिड़काव और सुरक्षा संसाधनों की कमी को लेकर अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं। प्रबंधन ने श्रमिकों को आश्वस्त किया कि खदान क्षेत्र में नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाएगा तथा उनकी सभी समस्याओं पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी।

बताया जाता है कि अधिकारियों के आश्वासन के बाद सुबह 7:15 बजे श्रमिकों ने आंदोलन समाप्त कर पुनः काम शुरू कर दिया, जिससे उत्पादन कार्य सामान्य हो गया। वार्ता के दौरान श्रमिकों ने मांग की कि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या होने पर प्रबंधन एक दिन पूर्व ही सूचना उपलब्ध कराए, ताकि अनावश्यक विवाद और कार्य बाधित होने की स्थिति से बचा जा सके।

सारंडा के जंगलों में छिपे चोरी के वाहन: पुलिस कार्रवाई में खुलासा

एक अन्य जानकारी के अनुसार चाईबासा और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 20 चोरी की मोटरसाइकिलों की बरामदगी के बाद एक नया और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सारंडा जंगल के दुर्गम इलाकों और नक्सल प्रभावित गांवों में अभी भी दर्जनों चोरी की मोटरसाइकिलें छिपाकर रखी गई हैं। हाल ही में बरामद 20 मोटरसाइकिलों में से 15 सिर्फ सारंडा क्षेत्र से मिली हैं, जो इस बात की ओर संकेत करता है कि चोरी के वाहनों को छिपाने और खपाने के लिए इन दूरस्थ इलाकों का इस्तेमाल किया जा रहा था।

पुलिस की छापेमारी में छोटानागरा थाना क्षेत्र के टोंटोगाड़ा गांव से 9 और किरीबुरू थाना क्षेत्र के टाटीबा बिरहोर टोला से 6 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। उपरोक्त दोनों क्षेत्र लंबे समय से दुर्गम और नक्सल प्रभावित रहे हैं, जहां पहुंचकर कार्रवाई करना अपने आप में चुनौतीपूर्ण रहा है। सारंडा के घने जंगल और भौगोलिक कठिनाइयों के बावजूद पुलिस ने जोखिम उठाकर यह अभियान चलाया, जिससे वाहन चोरी के संगठित गिरोह को बड़ा झटका लगा है। इस कार्रवाई के बाद अपराधियों में हड़कंप मचा है।

किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार ने स्थानीय ग्रामीणों से अपील करते हुए है कहा कि कई रहिवासी अनजाने में सस्ते दाम पर चोरी की मोटरसाइकिल खरीद लेते हैं। उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। कहा कि यदि वे स्वेच्छा से वाहन थाना में जमा कर देते हैं, तो उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यह छूट केवल स्वेच्छा से वाहन जमा करने वालों के लिए है। यदि जांच के दौरान किसी के पास चोरी की बाइक बरामद होती है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ज्ञात हो कि पुलिस ने अब पूरे सारंडा क्षेत्र में अपनी निगरानी बढ़ा दी है। वाहन चोरी गिरोह के अन्य सदस्यों, खरीददारों और छिपाए गए वाहनों के ठिकानों की तलाश तेज कर दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में और भी बड़ी बरामदगी हो सकती है। पुलिस ने आमजनों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि संदिग्ध गतिविधियों या चोरी के वाहनों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

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