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वीटी सेंटर कथारा में दो दिवसीय सुरक्षा व स्वास्थ्य प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

सुरक्षा व स्वास्थ्य पर कर्मियों को दिए गए जरूरी दिशा-निर्देश

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में बेरमो कोयलांचल के सीसीएल कथारा क्षेत्र द्वारा संचालित अपर बंगला जारंगडीह स्थित वीटी सेंटर सभागार में 20 अगस्त को सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य कोयला खदानों में कार्यरत कर्मियों को कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना, दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में आवश्यक जानकारी देना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीडीएमएस कोडरमा रीजन के खान सुरक्षा निदेशक (डीएमएस) श्याम मिश्रा, डीडीएमएस कोडरमा रजनीश सिगड़, कथारा क्षेत्र के महाप्रबंधक ए.के.बी. सिंह, जारंगडीह के परियोजना पदाधिकारी प्रबीर कुमार सेनगुप्ता, स्वांग-गोविंदपुर फेज तू के परियोजना पदाधिकारी सतीश कुमार त्रिवेदी, कथारा कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी रंजीत कुमार, भीटी इंचार्ज सुजीत कुमार, भीटी प्रशिक्षक राज कुमार मंडल सहित सीसीएल अधिकारीगण मौजूद रहे।

बताया जाता है कि आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कथारा क्षेत्र की तीनों कोलियरियों से लगभग 50 सीसीएल कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कर्मियों को खदानों में काम करने के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने पर जोर दिया। कहा गया कि खनन कार्य में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए प्रत्येक कर्मी को अपनी सुरक्षा के साथ-साथ अपने सहकर्मियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए। कार्यस्थल पर सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल, निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन तथा किसी भी तरह की असुरक्षित स्थिति की तत्काल सूचना संबंधित अधिकारियों को देने की बात कही गई।

आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कर्मियों को खदानों में संभावित जोखिमों की पहचान करने, सुरक्षित तरीके से कार्य करने, आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले उपायों तथा दुर्घटना से बचाव के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। साथ ही कार्य के दौरान स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा केवल विभाग या प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर कर्मचारी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कहा गया कि यदि सभी कर्मी सुरक्षा नियमों को अपनी कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाएं तो दुर्घटनाओं में काफी कमी लाई जा सकती है।

ज्ञात हो कि, दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षा एवं स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर कर्मियों को विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने कर्मियों से प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा प्राप्त जानकारी को अपने कार्यस्थल पर व्यवहार में लागू करने की अपील की।

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