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कथारा वाशरी में स्क्रैप लोड तीन ट्रक प्रबंधन के लिए बना गले का फास

लोडिंग में नियमों की अनदेखी कर उठाव का आरोप

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र की कथारा कोल वाशरी से बिना चालान के लोड कर तीन ट्रकों में ले जाये जा रहे स्क्रैप को बीते 28 जुलाई को कथारा ओपी पुलिस द्वारा सीपीपी के समीप से पकड़कर वाशरी प्रबंधन के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने स्क्रैप लोड ट्रकों के सत्यापन के बाद हीं कार्रवाई का आग्रह किया गया। यह मामला अब तूल पकड़ने लगा है। स्क्रैप लोड तीनों ट्रक अब वाशरी प्रबंधन के लिए गले का फास बन गया है।

जानकारी के अनुसार कथारा वाशरी में वर्षो से खराब डीजल रेल इंजन की नीलामी की गयी थी। लगभग सौ टन स्क्रैप की नीलामी और उसके उठाव को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से निर्धारित नियमों को दरकिनार कर स्क्रैप का उठाव किया जा रहा है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

बताया जाता है कि कथारा वाशरी में दो पुराने लोकोमोटिव (रेल इंजन) को कबाड़ के रूप में बीते 20 जुलाई को नीलाम किया गया। यह टेंडर नई दिल्ली की अरिहन्त स्टील कॉरपोरेशन को मिला। इनमें से एक लोकोमोटिव क्रमांक 7200009 का वजन 50,000 किलोग्राम (50 टन) बताया गया, जिसकी नीलामी दर ₹81 प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई।

विवाद तब गहराया जब बीते 28 जुलाई को ट्रक क्रमांक NL01AA/7079 स्क्रैप लोड कर कथारा वाशरी से बाहर निकला, लेकिन बाद में उसे खाली कराया गया और फिर बाहर भेजा गया। सूत्रों के अनुसार सोलह चक्का ट्रक क्रमांक HR63F/ 0509, JH02BY/1342 तथा JH02BM/3081 भी कथित तौर पर बिना आवश्यक दस्तावेज के स्क्रैप लोडकर वाशरी परिसर से बाहर निकल गया। बाद में इनमें से उक्त वाहनों को कथारा ओपी पुलिस के आदेश पर दोबारा कथारा वाशरी परिसर में सत्यापन के लिए खड़ा करा दिया गया।

सूत्रों के अनुसार नियम के तहत यदि कोई लोडेड ट्रक 24 घंटे से अधिक समय तक खड़ा रहता है, तो उसे पहले खाली कराया जाता है। ऐसे में खाली वाहन का कांटा (वजन) कराया जाता है, उसके बाद दोबारा लोडिंग कर वैध गेट पास जारी कर बाहर भेजा जाता है। आरोप है कि संबंधित ट्रकों के मामले में इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। मामले को लेकर कथारा वाशरी के परियोजना पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। वहीं कथारा ओपी पुलिस के अनुसार इस संबंध में अभी तक कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सवाल यह उठना लाजमी है कि आखिर किन वजहों से उपरोक्त ट्रकों में स्क्रैप लोड होने के बाद बिना कागजात जांच के सुरक्षा विभाग द्वारा उसे गेट से आउट कर दिया गया? आरोप यह भी है कि लोड ट्रकों में बिना कटिंग कई कीमती मशीनरी भी लोड कर दिया गया है। वाशरी प्रबंधन अब जिला परिवहन विभाग से क्लियरेंस की प्रतीक्षा में है। हालांकि अब भी यह समग्र विषय जांच के घेरे में है। देखना है कि इस मामले में सीसीएल मुख्यालय नियम सम्मत कार्रवाई करती है अथवा जैसा चल रहा है वही सही है। फिलहाल क्षेत्र में इसे लेकर चर्चा का बाजार गर्म है।

 

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