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पिट्स मॉडर्न स्कूल के प्रिंसिपल की जमानत याचिका खारिज

ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। बहुचर्चित पिट्स मॉडर्न स्कूल गोमिया की छात्रा आरोही रानी की मौत मामले में दी गई जमानत याचिका पर उभय पक्ष के अधिवक्ता के बहस सुनने के बाद बोकारो जिला के हद में तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के जिला जज तृतीय नीरज कुमार ने पिट्स मॉडर्न स्कूल के प्रिंसिपल बृज मोहन लाल दास की जमानत खारिज कर दी है।

बताते चलें कि तेनुघाट रहिवासी संतोष कुमार श्रीवास्तव ने आईईएल थाना प्रभारी को एक आवेदन देकर बताया था कि स्कूल के प्रिंसिपल बृज मोहन लाल दास एवं क्लास टीचर द्वारा उनकी बच्ची को एनसीसी कैंप में भेजने के लिए दस दिनों की स्वीकृति मांगी गई। इस आश्वासन के साथ कि बच्ची एवं अन्य बच्चों का पूर्ण सुरक्षा भी प्रदान करने की जिम्मेदारी होगी। स्कूल प्रबंधन की बातों पर विश्वास कर अपनी बच्ची को कैंप में जाने की इजाजत दी गयी थी। उसके बाद विगत 13 मई को अपनी बच्ची को स्कूल प्रिंसिपल को सुपुर्द किया।

कहा गया कि 18 मई को जब अपनी बच्ची से बात किया तो वह बिलकुल स्वस्थ थी। फिर 22 मई को फोन किया तो फोन नहीं उठाया गया। कई बार फोन करने पर फोन नहीं उठाया। उसके बाद उसकी एक सहेली ने बताया कि आरोही रानी की तबीयत कुछ दिन से खराब है और आज अचानक तबीयत कुछ ज्यादा खराब हो गई। तब स्कूल प्रिंसिपल से संपर्क किया, मगर संपर्क नहीं हो पाया। तब 23 मई को स्कूल जाकर पता किया। स्कूल प्रिंसिपल बृज मोहन लाल दास ने बताया कि उन्हें तबीयत खराब होने की कोई जानकारी नहीं है।

आवेदन में कहा गया कि पूछने पर पता चला कि स्कूल के तरफ से किसी भी शिक्षक या कर्मचारी को नहीं भेजा गया है एवं शिक्षक चंदन प्रताप सिंह बच्चियों के एनसीसी कैंप में बिना किसी स्कूल प्रतिनिधि के छोड़ आए थे। उसके बाद संतोष श्रीवास्तव 23 मई को शिक्षक को साथ लेकर सिलवार कैंप गया, तो पाया कि उनकी पुत्री की तबीयत काफी खराब थी। इलाज के लिए पूछा, लेकिन बच्ची को घर ले जाने को कहा गया। उन्होंने तुरन्त अपने पुत्री को लेकर घर के लिए चल दिए। रास्ते में उसकी तबीयत और बिगड़ने लगी, तब रास्ते में स्वांग स्थित मां शारदे सेवा सदन लाया गया।

जहां डॉक्टर उनकी पुत्री की स्थिति काफी नाजुक बताया एवं बेहतर इलाज के लिए रांची ले जाने को कहा। साथ हीं सलाह दिया गया कि बच्ची को ऑक्सीजन लगाकर ले जाए। तब उसे ऑक्सीजन लगाकर उपचार के लिए ऑर्किड हॉस्पिटल रांची लेकर आए। हॉस्पिटल में बताया गया कि तबीयत ज्यादा खराब है। बहुत सारी कोशिशों के बाद भी उनकी पुत्री का निधन 29 मई को हो गया।

बताया गया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा लापरवाही के कारण उनकी बच्ची की जान गई है। उसके बाद आईईएल गोमिया के उपाध्यक्ष अरिन्दम दास गुप्ता, कोषाध्यक्ष रोहन सिन्हा, सदस्य आशीष सिंह, प्रभास कुमार झा, रागिब बेलाल साबरी, पिट्स मॉडर्न स्कूल के प्राचार्य बृजमोहन लाल दास एवं एनसीसी शिक्षक चंदन प्रताप सिंह के विरुद्ध उनकी पुत्री के हालात खराब होने की जिम्मेदारी का आरोप लगाया गया। उपरोक्त की लापरवाही के कारण ही उनकी पुत्री आरोही रानी की मौत हुई है।

उक्त आवेदन के बाद आईईएल थाना में मामला दर्ज किया गया। उक्त मामले में बृज मोहन लाल दास, अरिन्दम दास गुप्ता, रोशन सिन्हा एवं प्रभास कुमार झा ने अंतरिम जमानत के लिए आवेदन किया था। उक्त आवेदन में दोनों पक्षों के अधिवक्ता के बहस सुनने के बाद जिला जज तृतीय नीरज कुमार ने बृज मोहन लाल दास की जमानत याचिका खारिज कर दिया है। जबकि अरिन्दम दास गुप्ता, रोशन सिन्हा और प्रभाष कुमार झा को जमानत दे दी है।

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