एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में की गई वृद्धि पर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने 7 जून को एक भेंट में कहा कि वर्ष 2014 में महंगाई कम करने का वादा करने वाली भाजपा आज जनता पर लगातार महंगाई का बोझ डाल रही है। आज गैस सिलेंडर की कीमत एक हजार रुपये के पार पहुंच चुकी है, जिससे गरीब, मध्यम वर्ग और गृहिणियों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
नायक ने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक 61 बार गैस के दामो में वृद्धि की गई है, जो चिंता और आक्रोश का विषय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मनमोहन सरकार में वर्ष 2014 में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत लगभग ₹400-450 के आसपास थी। आज वही बीजेपी की सरकार में सिलेंडर दोगुने से भी अधिक दाम पर आम परिवारों को खरीदना पड़ रहा है। कहा कि भाजपा सरकार ने अच्छे दिन का सपना दिखाया था, लेकिन आज गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर और गृहिणियां महंगाई के बोझ तले कराह रहे हैं।
नायक ने कहा कि उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2017 से जुलाई 2022 के बीच घरेलू गैस सिलेंडर के दाम 61 बार बढ़ाए गए। उसके बाद भी कई बार मूल्य वृद्धि की गई है। यह दर्शाता है कि भाजपा सरकार के शासन काल में रसोई गैस लगातार आम जनों की पहुंच से दूर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना का प्रचार तो खूब किया गया, लेकिन आज लाखों गरीब परिवार गैस सिलेंडर भरवाने में असमर्थ हैं और फिर से लकड़ी एवं कोयले पर निर्भर होने को मजबूर है।
भाजपा सरकार को बताना चाहिए कि जब आमदनी नहीं बढ़ रही है, तो लगातार बढ़ती महंगाई का बोझ जनता क्यों उठाए? कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि केंद्र सरकार घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में तत्काल कमी करे, सब्सिडी को प्रभावी रूप से बहाल करे तथा महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए। अन्यथा कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज बनकर इस जनविरोधी नीति के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।
नायक ने कहा कि देश की जनता भाजपा सरकार से पूछ रही है कि क्या यही अच्छे दिन हैं, जहां रसोई का चूल्हा जलाना भी आम परिवार के लिए चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने जनता की जेब पर लगातार हमला किया है। आज देश की माताएं और बहनें सबसे ज्यादा महंगाई की मार झेल रही हैं। कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज उठाती रहेगी और महंगाई के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।
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