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मोदी सरकार को अब सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं-सुबोधकांत सहाय

मोदी सरकार दमन और अहंकार का प्रतीक-विजय शंकर नायक

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। देश के लाखो छात्रों पर दमन, युवाओं से छल, किसानों की अनदेखी कर केंद्र की मोदी सरकार ने जनता का विश्वास खो दिया है। इस सरकार को अब सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उक्त बाते पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री एवं कांग्रेस वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय ने 21 जुलाई को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही।

वहीं प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने कहा कि देश के छात्र, युवा, किसान, मजदूर, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यकों की आवाज़ दबाने वाली मोदी सरकार दमन और अहंकार का प्रतीक बन चुकी है, इसलिए मोदी सरकार अब सत्ता छोड़ दे।

एक संयुक्त प्रेस बयान जारी कर उपरोक्त दोनों नेताओं ने देश की राजधानी दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह केवल छात्रों पर हमला नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र, संविधान और युवाओं के भविष्य पर सीधा प्रहार है। कहा गया कि दिल्ली की सड़कों पर बहा छात्रों का खून, लोकतंत्र पर चला डंडा मोदी सरकार ने अपने राजनीतिक ताबूत में एक और कील ठोकने का कार्य किया है।

उपरोक्त दोनों नेताओं ने कहा कि देश का युवा शिक्षा, रोजगार, पारदर्शी भर्ती और अपने भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहा है, लेकिन मोदी सरकार उनकी समस्याओं का समाधान देने के बजाय पुलिस की लाठियों से जवाब दे रही है। यह सरकार संवाद से नहीं, दमन से शासन चलाना चाहती है। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि आज देश का किसान अपनी फसल का उचित मूल्य मांग रहा है, मजदूर सम्मानजनक मजदूरी की मांग कर रहा है, छात्र रोजगार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मांग कर रहे हैं, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक सामाजिक न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार हर असहमति का जवाब दमन और भय के माध्यम से देने का प्रयास कर रही है।

यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सहाय ने कहा कि आज जिस सरकार को युवाओं के हाथों में रोजगार देना चाहिए था, उसने उनके हाथों में डिग्री और सिर पर लाठियां थमा दी। जिस सरकार को विश्वविद्यालयों को ज्ञान का केंद्र बनाना चाहिए था, उसने उन्हें पुलिस छावनी में बदलने का प्रयास किया। कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना अपराध नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने कहा कि छात्रों पर बल प्रयोग की घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर अत्यधिक बल प्रयोग या अधिकारों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने की भी मांग की। नायक के अनुसार कांग्रेस की पाँच प्रमुख मांगो में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए। यदि जांच में दोष सिद्ध हो, तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। घायल छात्र-छात्राओं को समुचित उपचार एवं उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। शांतिपूर्ण प्रदर्शन से जुड़े छात्रों पर दर्ज अनुचित मामलों की समीक्षा कर न्यायसंगत निर्णय लिया जाए। तथा, शिक्षा, रोजगार और छात्रों की मांगों पर तत्काल सार्थक एवं समयबद्ध संवाद शुरू किया जाए शामिल है।

सहाय एवं नायक ने जारी विज्ञप्ति में कहा है कि कांग्रेस पार्टी संविधान, लोकतंत्र और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है और आगे भी छात्र-युवाओं की आवाज़ को मजबूती से उठाती रहेगी। कहा कि यह केवल छात्रों के समर्थन का प्रश्न नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा का प्रश्न है। यदि सरकार युवाओं की आवाज़ सुनने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास करेगी, तो देश का लोकतांत्रिक समाज इसका लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगा।

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