एस. पी. सक्सेना/बोकारो। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत् 26 जुलाई को स्थानीय सिटी पार्क बोकारो में झारखंड राज्य चतुर्थवर्गीय सरकारी कर्मचारी संघ की एक अहम बैठक की गयी। अध्यक्षता संघ के बोकारो जिलाध्यक्ष पशुपति नायक ने की।
बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित राज्य चतुर्थवर्गीय सरकारी कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सपन कुमार कर्मकार ने कहा कि अविभाजित बिहार से अलग होकर झारखंड राज्य बनने के पश्चात् राज्य निर्माण हुए 26 वर्षों में भी राज्य के चतुर्थवर्गीय कर्मियों को पद प्रोन्नति की सुविधा प्रदान नहीं किया जाना घोर अन्याय है। कहा कि चतुर्थवर्गीय कर्मी राज्य सरकार के सबसे कनीय कर्मी हैं। वे चतुर्थ वर्ग में नियुक्त होकर चतुर्थ वर्ग में ही सेवा निवृत्त हो जाते हैं। यह राज्य सरकार का ऐसा संवर्ग है, जिसका विकास नहीं हो पाया।
उन्होंने कहा कि पूर्व के अविभाजित बिहार से ही तृतीय वर्ग के रिक्त पदों पर चतुर्थवर्गीय कर्मियों की पद प्रोन्नति का प्रतिशत सुनिश्चित था, परन्तु झारखंड बनने के बाद एक भी पद पर प्रोन्नति का अवसर प्राप्त नहीं हो सका। दुःख इस बात की है कि छठा वेतन आयोग द्वारा चतुर्थ वर्ग के पद के स्थान पर सभी चतुर्थ वर्गीय कर्मी को तृतीय वर्ग घोषित किया गया, परन्तु झारखंड में आज तक लागु नहीं हो सका।
जबकि, झारखंड सरकार ने हु-ब-हु केन्द्रीय वेतन एवं सेवा शर्त लागु करने का निर्णय लिया था। राज्य के वरीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण अल्प वेतन भोगी चतुर्थवर्गीय कर्मी अपने सेवा लाभों के लिए भी तरस रहे हैं। उन्होंने चतुर्थवर्गीय कर्मचारी से जुड़े सभी मांगों की पूर्ति अविलम्ब करने की माँग राज्य सरकार से की।
बैठक में सर्वसम्मति से झारखंड राज्य चतुर्थवर्गीय सरकारी कर्मचारी संघ के आह्वान पर 2 सूत्री माँगों को लेकर आगामी 30 जुलाई को मुख्यमंत्री आवास के समक्ष रोषपूर्ण प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को वस्तुस्थिति से अवगत कराने हेतु कार्यक्रम में अधिक-से अधिक संख्या में शामिल होने का निर्णय लिया गया। दो सूत्री मांगो में चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की प्रोन्नति के प्रावधानों में सीमित प्रतियोगिता परीक्षा की व्यवस्था को समाप्त करते हुए वरीयता एवं योग्यता के आधार पर तृतीय वर्ग के पद पर एक मुश्त पद प्रोन्नति देने (झारखंड गठन के बाद गत 26 वर्षों से चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों का वर्ग-4 से वर्ग-3 में पद प्रोन्नति लंबित है।) तथा आदेशपाल, पियुन, चपरासी, अनुसेवक के स्थान पर कार्यालय सहायक नाम घोषित करना शामिल है।
इस अवसर पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 30 जुलाई को मुख्यमंत्री आवास के समक्ष प्रदर्शन कार्यक्रम की सफलता हेतु तेज गति से प्रचार-प्रसार व शत-प्रतिशत उपस्थिति के लिए कार्रवाई प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। बैठक को संघ के बोकारो जिलाध्यक्ष पशुपति नायक, जिला मंत्री प्रेमशंकर राम, हरिलाल मोहली, खगेन्द्र महतो, चालक संघ के जिला सचिव बेला पद बाउरी, अनिल कुमार महतो, काजल मंडल, साहेब राम महतो, अर्जुन कुमार दास आदि ने सम्बोधित किया।
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