महाप्रबंधक का प्रयास विफल, हील हुज्जत के बाद हड़तालियों का मेडिकल जांच
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र के स्वांग कोल वाशरी से हटाये गये आवार्डी मजदूरों का 25 मई से कथारा महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालिन भूख हड़ताल चौथे दिन 28 मई को भी जारी रहा। इस दौरान क्षेत्र के महाप्रबंधक द्वारा भूख हड़ताल खतम कराने को लिए किए गये प्रयास विफल रहा। भूख हड़ताल पर बैठे अवार्डी मजदूर टस से मस नहीं हुए।
अनिश्चितकालिन भूख हड़ताल में आवार्डी मजदूर महेंद्र रजक तथा कालेश्वर प्रजापति बैठे हैं, जबकि उन्हें आवार्डी मजदूर श्रीमती देवी, शिवराम सहित डिवीजन सिंह सहयोग कर रहे हैं। इसे लेकर 28 मई को क्षेत्र के महाप्रबंधक एकेबी सिंह, वरीय प्रबंधक मानव संसाधन सवींराज सिंह तथा सहायक प्रबंधक मानव संसाधन सूर्य प्रताप सिंह द्वारा समझौता वार्ता की गयी। बताया गया कि महाप्रबंधक एकेबी सिंह ने अनिश्चिकालीन भूख हड़ताल पर बैठे अवार्डी मजदूरों तथा उनके सहयोगियों को नियोजन को लेकर मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण अपनी असमर्थता व्यक्त की गयी तथा कहा गया कि न्यायालय आदेश के दूसरे दिन हीं नियोजन प्रक्रिया शुरु कर दी जायेगी। वहीं हड़ताल पर बैठे मजदूर तथा उनके प्रतिनिधि झामुमो नेता समय सीमा निर्धारण का लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे।
बताया जाता हैं कि महाप्रबंधक के सामने हीं भूख हड़ताल पर बैठे मजदूरों के नियमित स्वास्थ्य जांच को लेकर पहुंचे क्षेत्रीय अस्पताल कथारा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ निशा टोप्पो, डॉ उमेश चंद्र यादव, नर्स पुष्पा एक्का तथा रिमझिम को खरी खोटी सुनाते हुए चिकित्सा जांच से इंकार करते हुए बैरंग वापस भेज दिया। बाद में स्थानीय एक मीडिया कर्मी के हस्तक्षेप के बाद झामुमो नेता एवं मामले में अवार्डी मजदूरों के पक्षकार मुमताज़ आलम के कड़े निर्देश के बाद भूख हड़ताल पर बैठे मजदूरों ने चिकित्सा जांच के लिए तैयार हुए।

बताया जाता हैं कि उक्त मीडिया कर्मी द्वारा इसे लेकर महाप्रबंधक सिंह से दूरभाष पर मजदूरों के चिकित्सा जांच की सहमति की जानकारी दी गयी। महाप्रबंधक के निर्देश पर तत्काल चिकित्सा दल धरना स्थल पर पहुंचकर मजदूरों का स्वास्थ्य जांच की। बाद में संध्या बेला में भी पुनः मजदूरों का स्वास्थ्य जांच किया गया। इस कार्य में क्षेत्रीय अस्पताल कथारा के चिकित्सक डॉ उमेश चंद्र चौधरी के अलावा नर्स अंजली तथा अस्पताल कर्मी शिव कुमार राम के सहयोग से स्वास्थ्य जांच किया गया। चिकित्सक डॉ यादव के अनुसार जांच में भूख हड़ताल पर बैठे अवार्डी मजदूर महेंद्र रजक तथा कालेश्वर प्रजापति का बीपी, शुगर व् पल्स सभी नॉर्मल पाया गया है। हालांकि कालेश्वर प्रजापति ने हांथ-पैर में खिचाव तथा आंखो से धुंधला नजर आने की शिकायत की। मौके पर दर्जनों अवार्डी मजदूरों के अलावा झामुमो नेता मुमताज आलम उपस्थित थे।
इस बावत महाप्रबंधक सिंह ने कहा कि उन्हें भूख हड़ताल पर बैठे मजदूरों की विशेष चिंता हैं, इसलिए उन्होंने हड़ताल स्थल पर विशिष्ट चिकित्सा सुविधा के मद्देनजर चौबीसो घंटा के लिए एक एम्बुलेंस तैनात कर दी हैं। ज्ञात हो कि बीते वर्ष झामुमो नेता मुमताज आलम के नेतृत्व में आवार्डी मजदूरों ने नियोजन की मांग को लेकर महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष भूख हड़ताल शुरु की थी, जिसे तत्कालीन महाप्रबंधक संजय कुमार के आग्रह पर राज्य के मंत्री योगेंद्र प्रसाद के हस्तक्षेप के बाद बेरमो के प्रखंड विकास पदाधिकारी मुकेश कुमार ने पहल करते हुए क्षेत्रीय प्रबंधन के लिखित आश्वासन के बाद समाप्त कराया था। इस दिशा में सीसीएल मुख्यालय पर भी आंदोलन के पश्चात पहल की गयी। बावजूद इसके किसी भी आवार्डी मजदूरों को आजतक नियोजन नहीं दिया गया। इसे लेकर 25 मई से पुनः आवार्डी मजदूरों ने भूख हड़ताल शुरु कर दी है।
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