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हो समाज युवा महासभा ने सांसद से भेंट कर की आठवीं अनुसूची में शामिल की मांग

सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। झारखंड के राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा द्वारा पिछले बार ‘हो’ भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के माँगों के समर्थन में राज्यसभा में मजबूती के साथ मुद्दा उठाने पर आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के प्रतिनिधियों ने 17 मई को सांसद को सम्मानित किया।

जानकारी के अनुसार हो समाज युवा महासभा के प्रतिनिधियों ने पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में किरीबुरू में राज्यसभा सांसद वर्मा से मुलाकात कर साल का पौधा दे कर साधुवाद सह आभार प्रकट किया। साथ ही आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय संगठन सचिव गोपी लागुरी के नेतृत्व में राज्यसभा सांसद को पुनः ज्ञापन सौंपा गया।

मौके पर महासभा के राष्ट्रीय संगठन सचिव लागुरी ने राज्यसभा सांसद को विस्तृत जानकारी दी तथा कहा कि हमारा समाज 40-50 सालों से भाषा की मान्यता के लिये संघर्ष कर रहा है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदन में कई बार माँग उठाया गया है। दो राज्यों से अनुशंसा भी किया जा चुका है। वे दोलाबु-दिल्ली के नाम से हर साल राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलनरत हैं। रेल जाम, सड़क जाम, रैली, पैदल यात्रा, साईकिल यात्रा, पोस्टकार्ड अभियान, धरना-प्रदर्शन जैसे कई आंदोलन कर चुके हैं।

इतना ही नही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और जनजातीय मंत्री से भी अनेक बार मुलाकात कर चुके हैं, परंतु ‘हो’ भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की दिशा में भारत सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम नही उठाया जा रहा है। इसके बावजूद वे काफी आशावान हैं।
कहा कि सांसद वर्मा के माध्यम से नई उम्मीद जगा है।इसलिए अनुरोध है कि हमारी माँगों पर भारत सरकार विचार करे। सांसद ने प्रतिनिधियों को भरोसा दिया और सरकार से पुनः माँग रखने में मदद का आश्वस्त दिया। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता धनुर्जय लागुरी आदि मौजूद थे।

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