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झारखंड के होटल, अस्पताल व् प्रतिष्ठानों की फायर सेफ्टी की जांच कराये सरकार-नायक

प्रहरी संवाददाता/रांची (झारखंड)। बीते 3 जून को देश की राजधानी दिल्ली के मालवीयनगर स्थित होटल अग्निकांड एवं 4 जून को बिहार के मुजफ्फरपुर के ब्राह्मपुरा स्थित प्रसाद अस्पताल में घटित हादसा अत्यंत दु:खद है। सरकार द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से झारखंड में सभी होटल, अस्पताल एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की फायर सेफ्टी जांच कराई जाए। उक्त बाते झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने 4 जून को झारखंड की राजधानी रांची में कही।

नायक ने कहा कि दिल्ली के एक होटल में भीषण आग लगने से 21 की मृत्यु तथा मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू में लगी आग के कारण 5 मरीजों की दर्दनाक मौत की घटना अत्यंत दु:खद, हृदयविदारक और चिंताजनक है। इन घटनाओं में अनेक परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मृतकों के परिजनों के प्रति उनकी गहरी संवेदना है तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की वे कामना करते हैं।

उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली के होटल में फायर सेफ्टी संबंधी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं तथा होटल के पास आवश्यक अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) नहीं होने की बात भी प्रकाश में आई है। जो यह दर्शाता है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस प्रकार निर्दोष जनों की जान पर भारी पर सकती है। नायक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी राज्य सरकार, नगर विकास विभाग, अग्निशमन विभाग तथा जिला प्रशासन से मांग करती हैं कि राज्य के सभी होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, अस्पताल, नर्सिंग होम, शॉपिंग मॉल, बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों, कोचिंग संस्थानों एवं सार्वजनिक प्रतिष्ठानों की फायर सेफ्टी व्यवस्था और फायर एनओसी की विशेष जांच अभियान चलाकर समीक्षा कराई जाए। साथ ही जिन संस्थानों के पास वैध फायर एनओसी नहीं है अथवा जहां अग्नि सुरक्षा उपकरण केवल कागजों तक सीमित हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

कहा कि केवल कागजी औपचारिकताओं से आमजनों की सुरक्षा नहीं हो सकती, बल्कि नियमित निरीक्षण, मॉक ड्रिल, आपातकालीन निकासी व्यवस्था तथा सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन आवश्यक है। नायक के अनुसार झारखंड तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाएं। कहा कि यदि आज सतर्कता नहीं बरती गई तो भविष्य में ऐसी दु:खद घटनाओं की पुनरावृत्ति से इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने राज्य सरकार से जनहित में तत्काल राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाकर सभी संबंधित संस्थानों की फायर सेफ्टी ऑडिट कराने तथा उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि झारखंड की जनता स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सके।

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