कोरोनाकाल का चिकित्सकीय संकट बनी जीवन की प्रेरणा, मेहनत के बूते पाई रैंक
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो से निकली एक और होनहार प्रतिभा ने शहर और राज्य का परचम राष्ट्रीय स्तर पर लहराया है। विद्यालय के पूर्व छात्र डॉ विजय मनोहर ने जीवन के चुनौतीपूर्ण क्षण को अपनी प्रेरणा का स्रोत बनाया और देशभर में अपनी कामयाबी का डंका बजाया।
डीपीएस बोकारो के वर्ष 2014 बैच के विद्यार्थी डॉ विजय मनोहर ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली की ओर से आयोजित राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा इंस्टीट्यूट ऑफ़ नेशनल इम्पोर्टेंस सुपर स्पेशियलिटी (आईएनआई-एसएस) एग्जाम में देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया। उन्होंने एमसीएच रीनल ट्रांसप्लांट सर्जरी की अखिल भारतीय परीक्षा में रैंक वन पाई है।
इसके लिए पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ में केवल एक सीट है और डॉ विजय ने इसके लिए जी-तोड़ पढ़ाई कर राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान हासिल करते हुए अपना दाखिला सुनिश्चित किया। अब गुर्दा-प्रत्यारोपण शल्यक्रिया की यह चिकित्सकीय पढ़ाई वे अगले तीन साल तक कर इस क्षेत्र में अपनी प्रतिभा को नया आयाम दे सकेंगे।
उनकी इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार में हर्ष है। प्राचार्य डॉ ए. एस. गंगवार ने डॉ विजय को साधुवाद देते हुए उनकी इस कामयाबी को गौरवपूर्ण तथा सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। कहा कि विद्यालय में छात्र-छात्राओं के समग्र विकास, शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की अपनी मेहनत है, जो यहां से निकले ऐसे हीरे आज राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर अपनी चमक बिखेर रहे हैं।
प्राचार्य गंगवार ने 8 जून को एक खास बातचीत में कहा कि डॉ विजय के लिए कोरोनाकाल उनके जीवन के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण और जीवन का यू-टर्न साबित हुआ। उस वक्त वे बोकारो में थे और महामारी के इस दौर में रोगियों को जिस चिकित्सकीय संकट का सामना करना पड़ रहा था, उसने उन्हें काफी प्रभावित किया। उस दौरान ही उन्होंने मानवता की सेवा के संकल्प के साथ ठान लिया कि जीवन में उन्हें और आगे बढ़ते हुए अपनी चिकित्सकीय क्षमता बढ़ानी है, ताकि वे ज्यादा से ज्यादा मरीजों को लाभान्वित कर सकें। इस दिशा में उन्होंने सभी के सहयोग से मेहनत की और आज परिणाम सामने है।
डीपीएस बोकारो में चेनाब हाउस का छात्र रहे डॉ विजय ने बताया कि स्कूल ने हमेशा ही उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया। यहां शिक्षकों का सहयोग, मित्रों का साथ, स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण और विद्यार्थियों के चतुर्दिक विकास का जो माहौल मिला, वह काफी कारगर साबित हुआ। यह उनके जीवन के लिए लांचपैड बना और सपनों को नई उड़ान मिली।
अपनी कामयाबी का श्रेय उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों के साथ-साथ अपने माता-पिता, अपनी बड़ी बहन और मित्रों के सहयोग को दिया। कहा कि वर्ष 2012 में उन्होंने 10वीं में 10 सीजीपीए तथा 2014 में 12वीं में 88 प्रतिशत अंकों के साथ सफलता पाई थी। बचपन से ही मेडिकल क्षेत्र में जाने की इच्छा थी, इसलिए अपने पसंदीदा विषय बायोलॉजी में परिश्रम किया। डीपीएस बोकारो से निकलकर रिम्स से वर्ष 2019 में एमबीबीएस और 2025 में जनरल सर्जरी में जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल दिल्ली से जनरल सर्जरी में डीएनबी की डिग्री अर्जित की।
बोकारो जिला के हद में चीरा चास के वास्तु विहार, फेज- 2 रहिवासी सेवानिवृत्त इस्पात कर्मी श्रीनिवास राव और गृहिणी अनुराधा के पुत्र डॉ विजय अब यूरोलॉजी अथवा नेफ्रोलॉजी में सुपर स्पेशलाइजेशन के बाद उच्च प्रशिक्षित सर्जन के रूप में अपना योगदान दे सकेंगे। उनके पिता राव ने कहा कि विजय बचपन से ही पढ़ाई में काफी मेधावी थे। बायोलॉजी में शत-प्रतिशत अंक के लिए 12वीं कक्षा में देशभर के 0.1 प्रतिशत विशिष्ट मेधावी विद्यार्थियों की सूची में वे भी शामिल थे।
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