रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। कसमार प्रखंड क्षेत्र में धान रोपनी की शुरुआत से पूर्व ग्रामीण परंपरा के अनुसार पाचाटी एवं डेली कोठी का नेग श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न किया गया। किसानों ने धरती माता, ग्राम देवता और प्रकृति की पूजा-अर्चना कर समय पर अच्छी वर्षा, भरपूर फसल तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
बरई गांव के नागेश्वर महतो, बागदा गांव के सुकदेव राम तथा मधुकरपुर के संजय कुमार महतो ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और आज भी ग्रामीण इसे पूरी आस्था के साथ निभाते हैं। उनका कहना है कि धान रोपनी शुरू करने से पहले पाचाटी एवं डेली कोठी का नेग करने से खेती का कार्य शुभ माना जाता है और किसान पूरे उत्साह के साथ खेतों में उतरते हैं।
उन्होंने कहा कि यह परंपरा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति, जल, भूमि और कृषि संस्कृति के प्रति सम्मान का भी प्रतीक है। बदलते समय में आधुनिक कृषि तकनीकों के बावजूद ग्रामीण अपनी लोक परंपराओं को संजोए हुए हैं और नई पीढ़ी को भी इससे जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। नेग संपन्न होने के बाद किसानों ने धान की रोपाई का कार्य प्रारंभ किया। ग्रामीणों ने ईश्वर से अच्छी बारिश, बेहतर उत्पादन और किसानों के परिवारों में सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
इस अवसर पर गांव के किसान, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि कृषि हमारी संस्कृति और जीवन का आधार है तथा ऐसी परंपराएं गांव की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखती हैं।
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