एस. पी. सक्सेना/बोकारो। प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी 16 मई को बोकारो जिला में राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया गया, जिसका उद्देष्य डेंगू के खतरे एवं डेंगू से बचाव तथा नियंत्रण संबंधी विभिन्न उपायों और तरीकों से जन समुदाय को अवगत कराना तथा उनके व्यवहार में परिवर्तन पर विषेष बल दिया जाना है।
मानसून के दौरान एवं मानसून के पश्चात डेंगू के प्रसार की संभावना बढ़ जाती है, जिसका मुख्य कारण डेंगू से बचाव संबंधी उपायों के प्रति आमजन की अनभिज्ञता होता है। इस वर्ष ग्यारहवें डेंगू दिवस की थीम कम्युनिटी पार्टिसिपेशन डेंगू कंट्रोल: चेक, क्लीन एंड कव (डेंगू नियंत्रण के लिए जन भागीदारीः जाँच करें, सफाई करें और ढकें) है।
डेंगू रोगियों की संख्या कम करने हेतु राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर जिला एवं प्रखंड स्तर पर जनसमुदाय एवं पंचायत सदस्य के साथ गोष्ठी, क्वीज/प्रतियोगिता, प्रभात फेरी/रैली, ग्राम गोष्ठी/कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जन समुदाय को डेंगू रोग के प्रति जागरुक करने एवं इस रोग से बचने की जानकारी देने हेतु जिला स्तर पर शहरी मलेरिया योजना के कर्मियों एवं शहरी सहिया द्वारा रैली निकाली गई। रैली को बोकारो के सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद एवं जिला वीबीडी पदाधिकारी डॉ रेणू भारती द्वारा हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया।
मौके पर सिविल सर्जन के साथ जिला वीबीडी पदाधिकारी, सलाहकार आशीष कुमार अन्य स्वास्थ्य कर्मी, ग्रामीण तथा शहरी सहिया उपस्थित थे। इस अवसर पर जिला वीबीडी पदाधिकारी डॉ रेणू भारती की अध्यक्षता में शहरी मलेरिया योजना, बोकारो के कर्मचारियों एवं डेंगू कार्य में संलग्न शहरी सहिया का एक कार्यशाला शहरी मलेरिया योजना बोकारो के कार्यालय सभागार में आयोजित किया गया। साथ हीं ग्राम गोष्ठी का आयोजन बोकारो के सेक्टर 5 स्थित बगीचा टोला के आँगनबाड़ी केन्द्र में आयोजित किया गया।

इस अवसर पर जिला वीबीडी पदाधिकारी द्वारा उपस्थित सभी कर्मचारियों एवं ग्रमिण रहिवासियो को डेंगू रोग से बचाव एवं नियंत्रण संबंधी जानकारी दी गयी। कहा गया कि डेंगू एक विषाणु जनित रोग है, जो संक्रमित मादा एडिस मच्छर के काटने से होता है तथा इस रोग के लिए किसी प्रकार का टीका या दवा उपलब्ध नही है। ऐसी स्थिति में जन जागरुकता के माध्यम से डेंगू से बचाव के संबंध में जानकारी देना तथा मच्छरों के प्रजनन स्थल को नष्ट करना आवश्यक है। इसके अलावे सभी अपने घर के आस-पास जल जमाव नही होने देंगे। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करेंगे एवं बुखार होने की स्थिति में अपने नज़दीकी सरकारी अस्पताल जाकर चिकित्सक के परामर्श के अनुसार अपना पूर्ण उपचार करायेंगे।
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