हादसे में 25 की मौत के प्रत्यक्षदर्शियों के दावों से हड़कंप
प्रहरी संवाददाता/मुजफ्फरपुर (बिहार)। बिहार के मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा स्थित एक निजी अस्पताल प्रसाद हॉस्पिटल में 4 जून की सुबह भीषण आग लग गई। आग अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू वार्ड में लगी, जिसके बाद पूरे भवन में घना धुआं फैल गया और अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्घटना में अब तक पांच के मौत की पुष्टि हो चुकी है।
हादसे के समय अस्पताल में मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी युवक जिसने कई मरीजों को बाहर निकाला के अनुसार अस्पताल की लिफ्ट पहले ही बंद थी। उसने ताला तोड़कर फंसे मरीजों को बाहर निकाला। उसने बताया कि अस्पताल के कमरे का गेट तोड़कर उसने हवा आने के लिए रास्ता बनाया। इस हादसे में मारे गए मरीजों के परिजनों ने बताया कि अस्पताल में इलाजरत उनके परिवारजन के शव को गायब कर दिया गया है। उनके शव के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बीते 31 मई की रात में भर्ती कराया था।
अस्पताल में मौजूद एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार अस्पताल प्रबंधन की गलती के कारण आग लगी है। कहा कि आईसीयू में हमेशा एसी चालू रहता है। एसी को हमेशा मैनेज करना पड़ता है। उसने यहां तक दावा किया कि आईसीयू में लगभग 25 से ज्यादा मरीज थे। सभी की मौत हो गई है। उसने दावा किया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा सभी शव को निकालकर पहले ही गायब कर दिया गया है।
प्रत्यक्षदर्शीयों के अनुसार अहले सुबह लगभग 3 बजे आग लगने का हल्ला होने के बाद वे सभी भागकर अस्पताल के आईसीयू में पहुंचा। जहां पाया कि अस्पताल के सारे कर्मी वहां से भाग रहे हैं और मरीज खुद से ही बाहर निकल रहे हैं। बताया गया कि अस्पताल का कोई भी स्टाफ उनकी मदद नहीं कर रहा है। आग का धुआं इतना अधिक फैल चुका था कि वे सभी चाहकर भी अंदर नहीं जा सकते थे।
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