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100 से ज्यादा मनपा अफसर जांच के दायरे में

मुंबई। मुंबई के लोअर परेल इलाके में स्थित कमला मिल परिसर में लगी आग से 14 लोगों की मौत के बाद बृहन्मुंबई नगर निगम (मनपा) ऐक्शन मोड में है। अवैध ठिकानों पर तोड़क कार्रवाई करने के साथ ही अब जांच के दायरे में अपने ही अफसरों और इंजिनियरों से पूछताछ और कार्रवाई का विचार कर रही है। बताया जा रहा है कि पब और रेस्तरां में अवैध रूप से फेरबदल और अवैध अतिक्रमण को अनुमति देने के लिए 100 से ज्यादा बीएमसी अधिकारियों और इंजिनियरों से पूछताछ हो सकती है।

इन अधिकारियों की ड्यूटी में चूक तब सामने आई जब जांच के दायरे में की जांच टीम ने पाया कि 600 से ज्यादा प्रतिष्ठानों की छतें हर शनिवार और रविवार को रेस्ट्रॉ बार में बदल जाते हैं। दरअसल बीएमसी के सभी 24 प्रशासनिक वार्ड के पास तीन विभाग हैं- बिल्डिंग और विभाग, हेल्थ मेडिकल ऑफिसर और फायर जिनकी प्राथमिक ड्यूटी इन सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को चेक करना है लेकिन फिर भी अधिकारियों और इंजिनियरों द्वारा अवैध ठिकानों और उनमें होने वाली गतिविधियों को अनुमति दी जाती रही। इस वजह से नगर निगम आयुक्त अजोय मेहता ने इन सभी के खिलाफ जांच करने का निर्णय लिया है। यह कहा जा रहा है कि इन ठिकानों के मालिकों से जांच के दायरे में अफसरों को बड़ी मात्रा में रिश्वत मिली थी जिस वजह से कोई कार्रवाई नहीं हुई।

अजोय ने कहा, ‘सभी अवमानना के लिए जिम्मेदार मशीनरी गायब है इसलिए हमने प्रत्येक अफसर की जवाबदेही को तय करने के लिए हम एक प्रणाली की स्थापना करेंगे। हम उन अफसरों और इंजनियिरों की ड्यूटी की जांच भी करेंगे जो वार्ड लेवल पर कार्यरत थे लेकिन फिर भी इन ठिकानों फलने-फूलने की अनुमति दी। कई संस्थानों ने बारिश में छत में मानसून शेड लगाने की इजाजत ली थी और फिर धीरे-धीरे वहां स्थायी रूप से ठिकाने बना लिए।’

अजोय ने आगे बताया कि अफसरों और इंजिनियरों को बाद में देखना चाहिए था कि शेड हटाए गए हैं या नहीं। खबर के मुताबिक एक जांच अधिकारी को यह जांचने के लिए नियुक्त किया जाएगा कि लंबे समय तक एक ही विभाग में काम करने वाले स्टाफर को नियम उल्लंघन की कितनी शिकायतें मिलीं और उन पर क्या ऐक्शन लिया गया। इन स्टाफर्स की आर्थिक स्थिति की भी जांच होगी।

कमला मिल परिसर में हुए अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद शनिवार को मनपा प्रशासन की नींद खुलती दिखाई दी। एक दिन में 314 होटलों, रेस्तरां में हुए अवैध निर्माण को ढहाया गया। 7 होटल बंद कर दिए गए, जबकि अनधिकृत 417 सिलिंडर जब्त किए गए। कहीं, अतिरिक्त निर्माण तोड़ा गया तो कहीं मॉनसून के नाम पर बनाए शेड हटा दिए गए और छज्जे के रूप में बने अवैध निर्माण को तोड़ दिया गया। अब यह सवाल उठने लगा है कि यह सब कार्रवाई अग्निकांड के बाद क्यों हो रही है?

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