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मुंबई में 500 करोड़ के साइबर फ्रॉड नेटवर्क की जांच में आई तेजी

ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के जरिए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा

कार्यालय संवाददाता/मुंबई। मुंबई पुलिस ने लगभग 500 करोड़ रुपये के कथित ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और साइबर धोखाधड़ी गतिविधियों की वजह से उत्पन्न धन को स्थानांतरित करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कथित फर्जी बैंक खातों के नेटवर्क की समानांतर जांच शुरू कर दी है।

जांचकर्ता वित्तीय लेन-देन और हाल ही में दर्ज शिकायत में नामित आरोपियों में समुंदर सिंह राठौड़ और मुकेश जैन शामिल हैं, की कथित भूमिका की जांच कर रहे हैं। यह समानांतर जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा ऑल पैनल एक्सचेंज (एपीएक्स) और एमजीएम 91 से जुड़े कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क की चल रही जांच के बीच हो रही है। ईडी ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से उत्पन्न धन को इकट्ठा करने और उसे छिपाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फर्जी बैंक खातों, शेल कंपनियों और भुगतान मध्यस्थों की जांच कर रही है।

म्यूल बैंक खातों के जरिए करोड़ों का लेनदेन

जांच एजेंसियों के अनुसार, ऑनलाइन गेमिंग, क्रिकेट सट्टेबाजी और साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित किए जाने का संदेह है। इन खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध धन को छिपाने और अलग-अलग वित्तीय माध्यमों से आगे भेजने के लिए किया गया। मुंबई पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इन खातों को किसने खुलवाया और इनके वास्तविक संचालक कौन थे।

ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म भी जांच के दायरे में

इस मामले में ऑल पैनल एक्सचेंज (APX) और MGM91 जैसे ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के कथित वित्तीय संबंधों की जांच की जा रही है। ईडी ने 13 अक्टूबर को मुंबई, पुणे, मेहसाणा, सूरत और हैदराबाद में 20 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था। जांच में कथित तौर पर 200 से अधिक शेल और फ्रंट कंपनियों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है। इन कंपनियों के जरिए संदिग्ध लेनदेन को वैध कारोबारी गतिविधियों के रूप में दिखाने की आशंका जताई गई है।

शिकायत के आधार पर 46 लोगों की भूमिका की जांच

सामाजिक कार्यकर्ता संतोष घोलप की शिकायत में 17 बैंक खातों और 46 व्यक्तियों की भूमिका की जांच की मांग की गई है। शिकायत में समुद्र सिंह राठौड़ और मुकेश जैन सहित कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। ईडी की जांच में एडसम फिनटेक के संस्थापक राम यू. रामधानी की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है। फिलहाल जांच एजेंसियां संदिग्ध खातों, वित्तीय दस्तावेजों और डिजिटल लेनदेन की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का उद्देश्य कथित नेटवर्क के वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचना और अवैध धन के प्रवाह को रोकना है। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

Tegs: #Investigation into a ₹500 crore cyber fraud network in Mumbai gains momentum

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