पुनर्वास की मांग, रेलवे की प्रस्तावित तोड़फोड़ के खिलाफ याचिका दायर
विशेष संवाददाता/मुंबई। चेंबूर के वाशिनाका में कुर्ला से ट्रॉम्बे रेलवे यार्ड लाइन के किनारे बसे झोपड़पट्टी निवासियों के सामने बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। रेलवे की प्रस्तावित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में लगभग 3,500 निवासियों का प्रतिनिधित्व करने वाले चार संगठनों ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में तोड़फोड़ से पहले संयुक्त सर्वेक्षण, प्रभावित परिवारों की पहचान और पात्र निवासियों के पुनर्वास की मांग की गई है।
याचिकाकर्ताओं के अनुसार, मध्य रेलवे ने 15 अक्टूबर 2026 को सार्वजनिक नोटिस जारी कर कुर्ला-ट्रॉम्बे रेलवे लाइन के किनारे कथित अनधिकृत कब्जाधारियों को 30 दिनों के भीतर जगह खाली करने का निर्देश दिया था। मुंबई उपनगर जिलाधिकारी कार्यालय के एक पत्राचार में रेलवे की ओर से 17 नवंबर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करने का उल्लेख किया गया है। इससे प्रभावित परिवारों में हडकंप मच गया है।
चार संगठनों ने दायर की याचिका
गौरतलब है कि याचिका दायर करने वालों में डॉ. आंबेडकर सेवा समिति, जय भवानी समर्थ सोसायटी, समता नगर झोपड़पट्टी रहिवासी संघ और भीमशक्ति झोपड़पट्टी विकास संघ ने संयुक्त रूप से अदालत में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं में कहा गया है कि रेलवे की ओर से जारी नोटिस में प्रभावित झोपड़ियों की स्पष्ट संरचनावार अथवा सीटीएसवार सूची उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसलिए रेलवे, जिलाधिकारी, सिटी सर्वे अधिकारी और संबंधित विभागों की संयुक्त टीम द्वारा सर्वेक्षण कराया जाना आवश्यक है।
पुनर्वास के बाद ही हो कार्रवाई
याचिका में पात्र झोपड़पट्टीवासियों को चेंबूर की प्रस्तावित स्लम पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) योजनाओं में आवास उपलब्ध कराने पर विचार करने की मांग की गई है। साथ ही परिवारों के दस्तावेज, निवास अवधि और पात्रता का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की अपील की गई है। याचिकाकर्ताओं ने सर्वेक्षण और पुनर्वास प्रक्रिया पूरी होने तक कठोर कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा देने का अनुरोध किया है। निवासियों का कहना है कि बिना उचित सर्वेक्षण और पुनर्वास के घरों को हटाने से हजारों परिवार प्रभावित होंगे। मामले में अब अदालत की सुनवाई और संबंधित अधिकारियों के रुख पर नजर रहेगी।
Tegs: #Slum dwellers in Chembur knock on the doors of the High Court
![]()













Leave a Reply