रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह (2 से 8 अक्टूबर) के समापन के अवसर पर 8 अक्टूबर को दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो के आनंद कक्ष में अनुसंधान-आधारित पोस्टर एवं मॉडल प्रदर्शनी आयोजित की गई।
प्रकृति संवारे, जीवन निखारें और वन्यजीवों का संरक्षण, प्रकृति का स्पंदन जैसे नारों के साथ विद्यार्थियों ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी और सैटेलाइट ट्रैकिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से हाथियों, लुप्तप्राय बिल्लियों, कछुओं एवं दुर्लभ सांपों के संरक्षण के उपाय प्रस्तुत किए। सारंडा वन क्षेत्र की जैव विविधता, वनों की कटाई रोकने में एआई कैमरों की भूमिका और वन्यजीव कॉरिडोर जैसे विषयों को पोस्टर एवं मॉडल के माध्यम से प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। विद्यार्थियों ने लघु नाटिका के जरिए वन्यजीवों की परेशानियों को भी जीवंत किया।
डीपीएस बोकारो के प्राचार्य डॉ ए.एस. गंगवार ने इस अवसर पर कहा कि वन्यजीव और जैव विविधता पारिस्थितिकी तंत्र की रीढ़ हैं। इनका संरक्षण प्रत्येक देशवासी का दायित्व है। कहा कि जंगल और वन्यजीव बचाना मानव सभ्यता के सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक है।
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