रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। डिजिटल भुगतान पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क का विरोध करते हुए बोकारो चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर प्रस्ताव पर पुनर्विचार की मांग की है।
चेंबर अध्यक्ष मनोज चौधरी ने 4 अक्टूबर को कहा कि यूपीआई और डेबिट कार्ड जैसे डिजिटल माध्यमों ने व्यापार को सरल और पारदर्शी बनाया है। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क से छोटे व्यापारियों और उपभोक्ताओं पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि छोटे प्रतिष्ठानों का लाभ मार्जिन पहले ही सीमित है, जबकि महंगाई, किराया, बिजली और वेतन जैसी लागत लगातार बढ़ रही है।
महामंत्री राजकुमार जायसवाल ने कहा कि डिस्ट्रीब्यूटर, थोक व्यापारियों और वितरकों का मार्जिन महज 0.5 प्रतिशत तक रहता है। कहा कि एमडीआर लागू होने से डिजिटल भुगतान हतोत्साहित हो सकता है या इसका भार ग्राहकों पर पड़ सकता है। इसे लेकर चैंबर ने सरकार से शुल्क लागू नहीं करने और व्यापारियों के हित में नीति बनाने का आग्रह किया है।
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