रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के दांतू पंचायत स्थित राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय हंसलता में 19 अगस्त को सहयोगिनी संस्था द्वारा बाल विवाह को लेकर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों, शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक सह अध्यापक फिरोज आलम ने बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल एक कानूनी और सामाजिक अपराध है, बल्कि यह बच्चों (विशेषकर बालिकाओं) के मानसिक, शारीरिक और शैक्षणिक विकास में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि कम उम्र में विवाह से किशोरियों का स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित होता है और वे उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती है।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान संस्था द्वारा बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई। संस्था के विकास कुमार में बताया कि यदि क्षेत्र में कहीं भी बाल विवाह कराने का प्रयास किया जा रहा हो, तो उसकी सूचना तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या आपातकालीन सेवा 112 पर दे। कहा कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती है।
उन्होंने बताया कि जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन नेटवर्क के माध्यम से पूरे देश में बाल विवाह, बाल तस्करी तथा बाल यौन हिंसा को समाप्त करने के लिए सघन रूप से कार्यक्रम चलाया जा रहा है। कहा कि बोकारो जिले में सहयोगिनी इस विषय पर लगातार जागरूकता का कार्य कर रही है। मौके सहायक शिक्षक उमेश कुमार महतो, कामदेव चंद्रपाल, चंद्र नारायण महतो, राजेश कुमार, संतोष कुमार महतो एवं प्रबंधन समिति के अध्यक्ष परमेश्वर महतो मुख्य रूप से मौजूद थे।
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