रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। सदर अस्पताल बोकारो की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अस्पताल में चिकित्सकों की कमी और मरीजों के इलाज में कथित लापरवाही को लेकर गंभीर आरोप लग रहे हैं। ताजा मामला एक घायल कांवरिया कैलाश कुमार चौहान से जुड़ा है, जो जलाभिषेक के लिए जा रहे थे और ट्रक की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए।
भाजपा नेताओं के अनुसार, घायल कांवरिया को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन उस समय इमरजेंसी में चिकित्सक के मौजूद नहीं रहने और बेहोशी की दवा उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। वहीं, अस्पताल में एक घायल मरीज के टूटे हाथ पर प्रशिक्षु स्टाफ द्वारा बिना चिकित्सक की मौजूदगी के प्लास्टर किए जाने का मामला भी सामने आया है।
हालांकि, सिविल सर्जन डॉ ए. बी. प्रसाद ने अस्पताल में दवाओं की कमी और चिकित्सकों के नदारद रहने के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि अस्पताल में दवाओं की कमी नहीं है और ऐसे मामलों में चिकित्सक मौजूद रहते हैं। भाजपा नगर अध्यक्ष विशाल कुमार गौतम ने 17 अगस्त को फोन पर कहा कि सदर अस्पताल की स्थिति गंभीर है। कहा कि यहां मरीजों के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर अस्पताल की व्यवस्था में सुधार की मांग की जाएगी।
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