रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली के बीच स्वास्थ्यकर्मियों की कथित मनमानी से आम जनों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। सिविल सर्जन कार्यालय से महज पांच मीटर की दूरी पर स्थित दिव्यांग कार्यालय में समय पर ताला नहीं खुलने का मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, दिव्यांग एवं उनके परिजन 17 अगस्त की सुबह लगभग 10 बजे दिव्यांग कार्यालय पहुंचे, लेकिन दोपहर साढ़े 12 बजे तक कार्यालय का ताला नहीं खुला। मौके पर मौजूद दिव्यांगों और उनके परिजनों ने बताया कि वे घंटों से कार्यालय के बाहर इंतजार कर रहे हैं, लेकिन किसी स्वास्थ्यकर्मी के नहीं पहुंचने से उनका काम नहीं हो सका। इससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
मामले में सिविल सर्जन डॉ ए. बी. प्रसाद से पूछे जाने पर पहले उन्होंने कहा कि यह कार्यालय दिव्यांग कैंप के दिन सत्यापन के लिए खोला जाता है। हालांकि, कुछ ही सेकेंड बाद उन्होंने अपना बयान बदलते हुए कहा कि संभव है स्वास्थ्यकर्मी किसी दूसरे काम में व्यस्त हो। उनके आते ही कार्यालय खुल जाएगा। आसपास के रहिवासियों का कहना है कि दिव्यांग कैंप से पहले आवश्यक जानकारी और प्रक्रिया पूरी करने के लिए कार्यालय का नियमित रूप से खुलना जरूरी है। ऐसे में घंटों कार्यालय बंद रहने से दूर-दराज से पहुंचे दिव्यांगों और उनके परिजनों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय रहिवासियों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग में समय पर काम नहीं होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में 10 बजे लेट नहीं और 4 बजे भेंट नहीं वाली कहावत स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सटीक बैठती नजर आ रही है। आरोप है कि व्यवस्था में सुधार और कार्रवाई के बजाय अधिकारी कर्मचारियों का बचाव करते दिखाई दे रहे हैं।
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