रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में चंदनकियारी थाना क्षेत्र के गलगलटांड़ के समीप हरे-भरे पेड़ों की कथित अवैध कटाई का मामला सामने आया है। इससे जहां एक ओर क्षेत्र में पर्यावरण को गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार को चपत लग रही है।
स्थानीय रहिवासियों के अनुसार, लकड़ी तस्कर बेखौफ होकर जंगलों में पेड़ों पर कुल्हाड़ियां और आरा मशीनें चला रहे हैं तथा कीमती लकड़ियों को वाहनों के माध्यम से अन्य स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। इस घटना ने वन संरक्षण व्यवस्था और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि पिछले कुछ समय से इस क्षेत्र में लकड़ी तस्करों की गतिविधियां लगातार बढ़ी है। कहा जा रहा है कि पहले जहां रात के अंधेरे में चोरी-छिपे पेड़ों की कटाई होती थी, वहीं अब दिन के उजाले में भी खुलेआम पेड़ों को काटा जा रहा है। इससे ग्रामीणों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों की अंधाधुंध कटाई से पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। पेड़ों की संख्या लगातार घटने से वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है, साथ ही भविष्य में जल संकट और जलवायु संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। दूसरी ओर, अवैध लकड़ी कारोबार के कारण सरकार को भी राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इस पूरे मामले में सबसे अधिक सवाल वन विभाग की भूमिका को लेकर उठ रहे हैं। स्थानीय रहिवासियों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में पेड़ों की अवैध कटाई, लकड़ियों की ढुलाई और वाहनों की आवाजाही के बावजूद विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही है। इससे क्षेत्र में यह चर्चा है कि आखिर विभाग को इसकी जानकारी नहीं है या फिर जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है।
ग्रामीणों ने बोकारो जिला प्रशासन और वन विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अवैध कटाई में शामिल अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा क्षेत्र में नियमित गश्ती बढ़ाने की मांग की है। रहिवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो क्षेत्र की हरियाली और पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है।
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