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हाथी प्रभावित परिवारों को विधायक सोनाराम सिंकू ने सौंपा मुआवजा

सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग झारखंड सरकार के अंतर्गत पोड़ाहाट वन प्रमंडल चाईबासा के आनंदपुर वन प्रक्षेत्र में 28 मई को हाथी के हमले एवं वन्यजीवों से हुई क्षति से प्रभावित परिवारों के बीच मुआवजा राशि का वितरण किया गया।

इस अवसर पर जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकू मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विधायक सिंकू ने प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता राशि प्रदान करते हुए कहा कि राज्य सरकार मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता एवं मजबूती के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जंगल से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हाथियों की गतिविधियों से जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

ज्ञात हो कि पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में ग्राम बारंगा रहिवासी स्वर्गीय लखन मुंडा की हाथी के हमले में दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद विधायक ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की थी तथा भरोसा दिलाया था कि झारखंड सरकार पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा था कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में त्वरित कार्रवाई एवं शीघ्र मुआवजा भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

इसी क्रम में 28 मई को स्वर्गीय लखन मुंडा के परिजन गुमिंदा मुंडा को ₹3,80,000 (तीन लाख अस्सी हजार रुपये) की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की गई। इससे पूर्व उन्हें तत्कालिक सहायता के रूप में ₹20,000 की राशि दी जा चुकी थी। इसके अतिरिक्त ग्राम सिरका के कई प्रभावित परिवारों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की गई। गुरवारी उराँव को खेत की फसल एवं भंडारित अनाज की क्षति के लिए ₹8,840, चुनानी तिग्गा को ₹7,800, राधी तिग्गा को ₹26,500, गंगाराम बाड़ा को ₹11,700, सोमरी बाड़ा को ₹22,750 तथा निदिया एक्का को ₹16,900 की सहायता राशि प्रदान की गई। वहीं सोमारी बाड़ा को कच्चे मकान की गंभीर क्षति एवं एक खस्सी के नुकसान के एवज में ₹1,04,640 आर्थिक सहायता दी गई।

मौके पर विधायक सोनाराम सिंकू ने कहा कि वन क्षेत्र से जुड़े गांवों में मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार एवं वन विभाग लगातार प्रयासरत है। उन्होंने ग्रामीणों से भी सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना देने की अपील की। इस अवसर पर पोड़ाहाट वन क्षेत्र के वनरक्षी देशमुख तीयु एवं संतोष मरांडी सहित विभाग के अन्य कर्मचारी एवं ग्रामीण रहिवासी उपस्थित थे।

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