रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी अब जानलेवा साबित होने लगी है। राज्य के पूर्वी सिंहभूम जिला के जमशेदपुर, टाटानगर, चक्रधरपुर और पश्चिम सिंहभूम में लू और तेज गर्मी की चपेट में आने से 5 रहिवासियों की मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है।
इस घटना पर प्राकृतिक रक्षण के संस्थापक एवं पर्यावरण कार्यकर्ता बाबलू आनंद महतो ने गहरी चिंता व्यक्त की हैं। उन्होंने 25 मई को भेंट में कहा कि यह सिर्फ मौत की खबर नहीं, बल्कि प्रकृति की तरफ से इंसान को दी जा रही एक बड़ी चेतावनी है।
उन्होंने कहा कि राज्य में आज बड़े पैमाने पर जंगल कट रहे हैं। पेड़ पौधे खत्म हो रहे हैं। शहरों में लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है और इंसान अपनी ही बनाई गर्मी में मरने लगा है। कहा कि सबसे ज्यादा असर गरीब, मजदूर और सड़क पर काम करने वाले जनों पर पड़ रहा है। अगर अब भी रहिवासी नहीं जागे, तो आने वाले समय में स्थिति और भयावह हो जाएगी।
महतो ने घोषणा की कि जिन 5 रहिवासियों की मौत हुई है, उनकी आत्मा की शांति के लिए आगामी 31 मई को प्राकृतिक रक्षण की ओर से प्रत्येक के नाम पर 2-2 पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे मृतको को वापस तो नहीं ला सकते, लेकिन उनके नाम पर लगाए गए पेड़ आने वाले समय में हजारों जनों को जीवन और स्वच्छ हवा देंगे।
अब प्रकृति को बचाना ही जीवन बचाना है। उन्होंने आमजनों से अपील की कि अत्यधिक तेज धूप और लू के दौरान बिना जरूरी काम घर से बाहर न निकलें। पर्याप्त पानी पीते रहें और अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने राज्य के रहिवासियों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने और पर्यावरण बचाने के लिए आगे आने की अपील की।
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