सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। देश की दो अनमोल सुंदरियां डॉ रानी ठाकुर और हीरोइन ऐश्वर्या राय बच्चन जिन्होंने एक ही उम्र में अपना सफर शुरू किया। आज दोनों अपने अपने कार्य क्षेत्र में सफलता के नये आयाम गढ़ने में लगी हैं।
झारखंड के जमशेदपुर शहर की डॉ रानी ठाकुर वर्ष 1993 में मिस बिहार थी और उसके बाद उन्हे कई फिल्मों और टीवी शो में काम करने का मौका मिला। उन्हें वर्ष 1994 में भाग लेने के लिए मिस इंडिया फॉर्म भी मिला था। उसी वर्ष जब ऐश्वर्या राय ने मिस इंडिया फर्स्ट रनर अप का खिताब जीता और बाद में मिस वर्ल्ड बनीं। लेकिन उस समय, सामाजिक वर्जनाओं और जिम्मेदारियों के कारण, डॉ रानी ठाकुर ने हर अवसर को पीछे छोड़ दी और एक पारंपरिक भारतीय महिला का रास्ता चुनी।
डॉ रानी खुद को अपने परिवार के लिए समर्पित कर दिया और अपने बच्चों को प्यार और देखभाल के साथ पाला। सुंदरता और करियर के अलावा डॉ रानी दो बच्चों के देखभाल करने वाली मां भी बनी रही। वर्ष 1993 में गम्हरिया में मेसर्स रानी फ़ूड प्रोडक्ट्स के मालिक के रूप में डॉ रानी ठाकुर ने जो उद्योग शुरू किया था, वह भी बीमार हो गया, क्योंकि वे अपने परिवार के प्रति पूरी तरह समर्पित होने के कारण उसे सुचारू रूप से चलाने में असमर्थ थी। सच ही कहा गया है कि इच्छाएं कभी खत्म नहीं होती।
डॉ रानी बच्चों के बड़े होने और अपने सपनों को पूरा करने में व्यस्त होने के बाद और अधिक हासिल करने और अपनी यात्रा जारी रखने इच्छा ने उन्हे अपनी दूसरी पारी शुरू करने के लिए प्रेरित किया। वर्ष 2019 से उन्होंने पुनः अपनी यात्रा शुरू की और मिसेज एशिया 2019, साथ ही सबटाइटल मिसेज ब्यूटीफुल स्माइल सहित कई प्रतिष्ठित खिताब जीतने का सौभाग्य प्राप्त किया। मिसेज इंडिया इंटरनेशनल 2021, साथ ही सबटाइटल मिसेज झारखंड 2021, मिसेज इंडिया वर्ल्ड 2022, मिसेज डायनामिक फीमेल वर्ल्ड 2022, मिसेज वर्ल्डवाइड डीवा 2024 और अंत में मिसेज यूनिवर्स 2025 मे बनी।
सौंदर्य प्रतियोगिताओं के साथ-साथ डॉ रानी ठाकुर ने शिक्षा पर भी ध्यान केंद्रित किया। वे एम.कॉम की टॉपर थी तथा बी.एड. पूरा किया था। वर्ष 2019 से वाणिज्य और प्रबंधन में अपनी पीएच.डी. की पढ़ाई शुरू की। उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार द्वारा 2025 में आरका जैन यूनिवर्सिटी मे प्रदान किया गया। उसी समय उन्होंने राजनीति में प्रवेश की और 2021 से भाजपा जिला और प्रदेश स्तर पर जिम्मेदारियां प्राप्त की।
उन्होंने समाज के प्रति अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के साथ-साथ अपने सामाजिक कार्यों को भी तेज कर दिया, जो वे मानसी क्लब और एआईडब्ल्यूसी (जीसीबी) के माध्यम से 2014 से कर रही थी। डॉ रानी ठाकुर के अनुसार जब तक वे इस धरती पर मौजूद है तब तक सफलता के मुकान पर पहुँचने की अपनी यात्रा जारी रखेंगी। उनके अनुसार वे नहीं जानती कि जिंदगी उन्हें कहां ले जाएगी, लेकिन वे जितनी दूर तक जाएगी, सफलता प्राप्त करने में कहीं नही चूंकेगी।
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